विवि – क्‍या वाकई कुलपति करा पाएंगे नकल विहीन परीक्षा

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झांसी। बुन्देलखण्ड विश्‍वविद्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर नियंत्रण करने, परीक्षाओं की सुचिता, पवित्रता एवं पारदर्शिता तथा शांति व्यवस्था बनाये रखने की दृष्‍टि से परीक्षाओं के आयोजन हेतु निर्गत शासनादेश को लेकर विवि के कुलपति ने एक पत्रकारवार्ता कर छह मार्च से 27 अप्रैल तक होने वाली विश्‍वविद्यालय की वार्षिेक परीक्षाओं को सुचितापूर्ण, नकलविहीन एवं शांतिपूर्वक सम्पादित कराने के सम्बन्ध में अपने विचार प्रस्‍तुत किए। हालांके पूर्व के वर्षों की स्‍थिति को देखते हुए इस बार भी लोगों सहित विश्‍वविद्ययालय के कई शिक्षकों का मानना है कि कुलपति सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। नकलविहीन परीक्षा कराना टेड़़ी खीर है ।
इस दौरान कुलपति ने बताया कि एक फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये शासनादेश के तहत में गठित समिति द्वारा परीक्षा केन्द्र परिवर्तन/निर्धारण किये गये तथा परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा केन्द्रों को अन्तिम रूप दिया गया है। इसमें
नकलविहीन, सुचितापूर्ण परीक्षा कराने के सम्बन्ध में जिले में बैठक कराने के लिए सातों जनपद के जिलाधिकारी को जिले के वरिष्‍ठतम अधिकारी को अधिकृत करने के लिए बैठकें हो गई हैं। प्रमुख सचिव, गृह, उत्तर प्रदेश शासन तथा अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को परीक्षा केन्द्रो पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने हेतु जिला प्रशासन को निर्देश दे दिए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी को दूर करने हेतु प्राचार्यो के अनुरोध पर कक्ष निरीक्षक उपलब्ध कराने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक/बेसिक शिक्षा अधिकारी का सहयोग मिल रहा है। परीक्षा हेतु कुलसचिव सीपी तिवारी को झांसी मण्डल तथा उप कुलसचिव राकेश कुमार को चित्रकूट मण्डल का मण्डल प्रभारी बनाया गया है। केवल छात्राओं को ही स्वकेन्द्र की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, किन्तु जहां विगत वर्षों 2015, 2016 एवं 2017 में सामूहिक नकल की रिपोर्ट थी, उन आरोपी महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। ऐसे महाविद्यालयों की छात्राओं के भी केन्द्र बदले गये हैं। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा कराये जाने हेतु विश्‍वविद्यालय में बनाये गये कन्ट्रोल रूम में गत वर्ष की अपेक्षा दुगुनी संख्या में एलसीडी की व्यवस्था की है। नियन्त्रण कक्ष में प्रभारी और सहायकगण की समय- समय पर कुलपति अथवा कुलसचिव के निर्देश पर नियुक्त की जायेगी।
बुन्देलखण्ड के दोनों मण्डलों के सातों जनपद में राजकीय/अनुदानित महाविद्यालयों को नोडल महाविद्यालय बनाकर उनके प्राचार्यों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उक्त जिले में विश्‍वविद्यालय की सभी व्यवस्थायें नोडल अधिकारी के पर्यवेक्षण में सम्पन्न होंगी। परीक्षा केन्द्रो के प्राचार्य/केन्द्राध्यक्ष/सहा0 केन्द्राध्यक्ष व परीक्षा में लगे अन्य शिक्षक/कर्मचारी को अपना मोबाईल परीक्षाकाल में निर्वाध रूप से चलाने हेतु निर्देर्शित किया गया है। किसी भी महाविद्यालय की प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित किसी भी व्यक्ति का महाविद्यालय अथवा परीक्षा केन्द्र की 200 मीटर की दूरी तक प्रवेश वर्जित रहेगा। किसी भी प्रकार के कदाचार अथवा नकल कराने में महाविद्यालय और उसके प्रबन्ध तंत्र की संलिप्तता पाये जाने पर सम्बन्धित महाविद्यालय की विश्‍वविद्यालय से सम्बद्धता समाप्ति की प्रक्रिया स्वतः प्रारम्भ कर दी जायेगी। महाविद्यालयों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने महाविद्यालय/ परीक्षा केन्द्र पर उन्ही कक्षों में परीक्षा सम्पन्न करवाने का कष्‍ट करें, जहां सीसीटीवी कैमरे तथा जिनमें समुचित प्रकाश उपलब्ध हो। सम्पूर्ण परीक्षा काल के दौरान अवाध विद्युत आपूर्ति हेतु जेनेरेटर की व्यवस्था की जाये, साथ ही महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियाेें के लिए अलग-अलग प्रसाधन कक्ष तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था रहे। इस वर्ष विश्‍वविद्यालय परीक्षाएं तीन के बजाय मात्र दो पालियों प्रातः 08-11 बजे तक तथा 02-05 बजे तक दो पालियों में ही सम्पन्न होंगी।

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