गतिमान एक्‍सप्रेस : झांसी को मिली एक और सौगात

अब झाँसी से शुरु हुुई देश की सबसे तेज चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस, केन्द्रीय मंत्री व सांसद राज्यसभा ने हरी झंडी देकर रवाना की ट्रेन, नव संस्थापित एस्केलेटर का किया लोकार्पण

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झाँसी। देश की सबसे तेज चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस अब झाँसी से शुरु हो गई है। रविवार को केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और सांसद राज्यसभा चंद्रपाल यादव ने हरी झंडी देकर ट्रेन को गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया।
उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र विशेष तौर पर झाँसी हमारे कार्यक्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यह दक्षिण एवं पश्चिम भारत एवं दिल्ली को जोड़ने वाले हमारे प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित है और प्रतिदिन बहुत बड़ी संख्या में यहां से यात्रियों का आवागमन होता है। इस स्टेशन के महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां पर यात्री सुविधाओं का निरंतर विकास किया जाना रेल प्रशासन की प्राथमिकता है।
रविवार को केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती द्वारा राष्ट्र की तीव्रतम और देश की पहली सेमीहाईड स्पीड ट्रेन, “गतिमान एक्सप्रेस” के झाँसी तक विस्तार का शुभारंभ, तथा एस्केलेटर का लोकार्पण, यात्री सुविधाओं को निरंतर बेहतर करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इस विस्तार के साथ यहां आने वाले पर्यटकों को बुन्देलखण्ड क्षेत्र के पर्यटक स्थलों जैसे झांसी किला, रानी महल, बरूआ सागर, ओरछा का किला और वहां स्थित जहांगीर महल, राजा महल और राम राजा महल है, दतिया में पीताम्बरा पीठ और सोनागीर में जैन मंदिर को देखने का लाभ होगा। साथ ही जो लोग ग्वालियर उतरते हैं उन्हें ग्वालियर किला, सूर्य मंदिर, जय विलास पैलेस, गुजारी महल, तानसेन का मकबरा और मानसिंह महल देखने का भी अवसर मिलेगा। विस्तार की सफलता को इन तथ्यों को रेखांकित किया जा सकता है कि ग्वालियर से पहले ही दिन गतिमान एक्सप्रेस की आक्यूपेन्सी 100% रही जो कि विस्तार से पूर्व 75.91% थी। पिछले एक महीने में गतिमान एक्सप्रेस की आक्यूपेन्सी 97.63% रही जो कि विस्तार के पूर्व की अकुपेन्सी से 28.61% अधिक है। इसमें सबसे अधिक प्रसन्नता की बात यह है कि गतिमान एक्सप्रेस की आक्यूपेन्सी में हुई यह वृद्धि हबीबगंज-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (12001/12002) की अकुपेन्सी को प्रभावित किए बिना हासिल की गयी है, जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि हबीबगंज-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस की अकुपेन्सी में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में एक महीने में लगभग 10% की वृद्धि हुई है। उत्तर मध्य रेलवे रेल सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेडेशन के लिए सतत प्रयत्नशील है। जहां एक ओर रेल परिचालन को गतिशील और अधिक से अधिक संरक्षित बनाया जा रहा है। वहीं रेल के उपभोक्ताओं को हर क्षेत्र में अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस अवसर पर मनोहर लाल पन्त राज्य मंत्री उ प्र, रामतीर्थ सिंघल महापौर झाँसी, रवि शर्मा विधायक झाँसी, जवाहर राजपूत, अरुण मालिक अपर महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे, विनीत सिंह अपर मंडल रेल प्रबंधक, विपिन कुमार सिंह वरि मंडल वाणिज्य प्रबंधक, के के तलरेजा वरि मंडल अभियंता समन्वय सहित अन्य शाखाधिकारी, पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अन्त में अशोक कुमार मिश्र मण्डल रेल प्रबन्धक ने आभार ब्यक्त किया गया।

12.35 बजे झाँसी आई गतिमान एक्सप्रेस

एक अप्रैल से गतिमान एक्सप्रेस अब झाँसी के लिए चलेगी। यह ट्रेन दोपहर 12.35 बजे झाँसी पहुंच जाएगी। वापसी में ट्रेन दोपहर बाद 3.05 बजे झाँसी से चलेगी और तय समय 7.30 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंच जाएगी। अभी यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से सुबह 8.10 बजे चलकर 9.50 बजे आगरा पहुंच जाती है। वहां से 9.55 बजे ग्वालियर के रवाना होती है और सुबह 11.16 बजे ग्वालियर पहुंच जाती है। दो मिनट रुकने के बाद 11.18 बजे झाँसी के लिए रवाना होगी और 12.30 बजे झाँसी पहुंचने का समय तय किया गया है।

चार घंटे 25 मिनट में झाँसी

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हजरत निजामुद्दीन से चलकर झाँसी आने वाली 12280 ताज एक्सप्रेस को झाँसी तक 402.69 किमी पहुंचने में सात घंटे का समय लगता हैं। जबकि एर्नाकुलम जाने वाली 12618 मंगला एक्सप्रेस को झाँसी तक 6.15 घंटे लगता हैं। गतिमान से समय की बचत होगी। यह ट्रेन 4.25 घंटे में झाँसी पहुंचा देगी।

रेलवे द्वारा तय गतिमान का किराया

स्टेशन दूरी किराया
निजामुद्दीन से आगरा 187.14 किमी. 760 रुपए
निजामुद्दीन से ग्वालियर 305.58 किमी. 955 रुपए
निजामुद्दीन से झांसी 402.69 किमी. 1120 रुपए
आगरा से ग्वालियर 118.44 किमी . 445 रुपए
आगरा से झांसी 215.55 किमी. 620 रुपए
ग्वालियर से झांसी 97.11 किमी. 415 रुपए
नोट: ये किराया एसी चेयरकार का तय किया गया है।

ये हैं गतिमान एक्सप्रेस से जुड़ी खास बातें

1. देश की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन. अधिकतम 160 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार।
2. दिल्ली से आगरा के बीच 188 किलोमीटर का सफर 100 मिनट में पूरा करेगी।
4. इस ट्रेन में दो एक्जीक्यूटिव एसी चेयर कार और आठ एसी चेयर कार कोच होंगे।
5. एसी चेयर कार में किराया 750 रुपये, जबकि एक्जीक्यूटिव एसी चेयर कार में 1500 रुपये होगा।
6. ट्रेन होस्टेस गतिमान एक्सप्रेस के यात्रियों का गुलाब का फूल देकर स्वागत करेंगी और प्लेन की तरह यात्रियों को सीट पर सर्विस दी जाएगी।
7. यात्रियों को मल्टीमीडिया मनोरंजन की मुफ्त सुविधा भी मिलेगी।
8. ट्रेन के डिब्बों में हॉटस्पॉट उपकरण लगाए गए हैं जिससे यात्री अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप पर सीधे इन सुविधाओं का निशुल्क लाभ उठा सकते हैं।
9. यात्रियों को उपमा, मिनी डोसा, इडली, ताजे कटे हुए फल, आलू कुलचा, स्विस रोल, भुने हुए सूखे मेवे और चिकन रोल दिए जाएंगे।
10. निजामुद्दीन से यह ट्रेन सुबह 8:10 बजे रवाना होगी और 12.35 बजे झाँसी पहुंचेगी। वापसी में यह झाँसी से 3.05 बजे चलेगी और 7:30 बजे निजामुद्दीन पहुंचेगी।

झांसी तक बढ़ाया क्योंकि…ग्वालियर में 5 घंटे खड़ी रहती थी

गतिमान एक्सप्रेस को झाँसी तक बढ़ाने के पीछे रेल अधिकारियों का तर्क है कि ट्रेन ग्वालियर तक आने के बाद करीब पांच घंटे तक खड़ी रहती है। इसलिए उसे झाँसी तक बढ़ाकर यात्रियों को सहूलियत पहुंचाई जा सकती है। इसी को देखते हुए रेलवे ने इस ट्रेन को आगामी एक अप्रैल से झाँसी तक बढ़ा दिया है। टाइम-टेबल के अनुसार यह गाड़ी सुबह 8.10 बजे ही निजामुद्दीन से चलेगी और आगरा व ग्वालियर में हाल्ट लेती हुए दोपहर 12.35 बजे झांसी पहुंचेगी। लौटते समय यह ट्रेन शाम 3.05 बजे झांसी से शाम 7.30 बजे ही निजामुद्दीन पहुंचेगी।

130 होगी रफ्तार…

अधिकारियों के मुताबिक ग्वालियर से झाँसी के बीच गतिमान एक्सप्रेस की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे रहेगी। इसी को देखते हुए ट्रेन को भोपाल तक लाने के प्रयास रेल प्रशासन ने शुरू किए हैं। बताते हैं जब गतिमान को ग्वालियर से झाँसी के बीच 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है, तो 120 की स्पीड से भोपाल तक भी ला सकते हैं। इससे भोपाल के यात्रियों को शताब्दी से तेज स्पीड में चलने वाली ट्रेन मिल सकेगी और रेलवे का रेवेन्यू भी बढ़ सकेगा।

गतिमान v/s शताब्दी

सबसे तेज 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है।
इसकी अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा है।
हजरत निजामुद्दीन से झाँसी पहुंचने में चार घंटे 25 मिनट का समय लेती है।
शताब्दी भोपाल से नई दिल्ली तक पहुंचने में करीब साढ़े 8.30 घंटे का समय लेती है।
इसमें दो एक्जीक्यूटिव एसी कोच और आठ एसी चेयरकार लगे हैं।
शताब्दी एक्सप्रेस में दो एक्जीक्यूटिव कोच व 12 चेयरकार रहते हैं।
वाईफाई और मल्टी मीडिया मनोरंजन की सुविधा फ्री है।
मल्टी मीडिया मनोरंजन, वाईफाई जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
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वहीं, प्लेटफार्म क्रमांक 2/3 पर नव संस्थापित एस्केलेटर का लोकार्पण भी किया गया।

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