चार बदमाश गिरफ्तार, चोरी का माल बरामद : रिपोर्ट गौरव कुशवाहा

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झाँसी। राजकीय रेलवे पुलिस ने ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का माल बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया। वहां से उनको जेल भेजा गया।
अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) बी के मौर्या, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे बी आर मीणा द्वारा सक्रिय अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक रेलवे नितिन तिवारी व पुलिस उपाधीक्षक रेलवे धर्मेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनय कुमार साहू, एचसीपी शिव प्रसाद रावत, कांस्टेबल नफीस अहमद, अमित कुमार, अंकित राज, सतेन्द्र सिंह व राम अचल पांडेय प्लेटफार्म पर जहर खुरान व सूटकेस चोरी करने वाले बदमाशों की तलाश में लगे हुए थे। सूचना मिली कि प्लेटफार्म नंबर 6/8 पर बने ईटीएल रुम के पास चार व्यक्ति खड़े हैं। उनके पास चोरी का माल है। इस सूचना पर गई जीआरपी टीम ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया. थाना लाकर उनसे गहराई से पूछताछ की।
रेलवे पुलिस के मुताबिक भदोई के थाना औराई के गोपीगंज स्थित झिरिया पुल निवासी श्याम, किशनलाल , अजय कुमार व ग्वालियर निवासी सुखमलाल को गिरफ्तार कर लिया। चारों के पास से सोने की दो अंगूठी, कान के टाप्स, एक जोड़ी पायल, एक नाक की कील व 4230 रुपया बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। वहां से उनको जेल भेजा गया।

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चौहान बने मंडल अध्यक्ष व आर एन यादव बने मंडल सचिव

झाँसी। नॉर्थ सेन्ट्रल रेलवे मैंस यूनियन झाँसी मंडल के मंडलीय त्रिवार्षिक चुनावी आमसभा ललितपुर में महामंत्री एनसीआरएमयू आर डी यादव की देखरेख में हुई । साथ ही चुनाव अधिकारी व्ही एस कंसाना सहायक महामंत्री एवं एस के वर्मा केन्द्रीय पर्यवेक्षक द्वारा सभी केन्द्रीय पदाधिकारियों एवं मंडलीय परिषद सदस्यों की उपस्थिति में चुनाव संपन्न हुआ।
इसमें मंडल अध्यक्ष हुकुम सिंह चौहान, मंडल सचिव आर एन यादव, मंडल कार्यकारी अध्यक्ष मनोज जाट, मंडल कोषाध्यक्ष ए यू खान, संयुक्त मंडल सचिव मोहम्मद शकील, मंडल उपाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, रामनरेश यादव, विष्ण कुमार, नीरज उपाध्याय, सहायक मंडल सचिव बी के यादव, पी के स्याल व श्रीमती आईलाल बनी है। सभा में शाखाओं के सचिव जय सिंह, यादव, हरीराम प्रजापति, एम पी द्विवेदी, मनोज बघेल, डी के खरे, अमर सिंह यादव, के के त्रिपाठी, नितिन शर्मा, सुभाष यादव, अजय शर्मा, अजय तिवारी, जगत सिंह, पी के सिंह, श्रीमती अनीता साहनी, श्रीमती आशा कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
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रेल ट्रैक की एक ही मशीन से होगी निगरानी

बिजली स्लीपर और पटरियों का एक साथ हो सकेगा मेंटेनेंस
झाँसी। रेलवे दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए रेल मंत्रालय ने बड़ी योजना बनाई है। इसी क्रम में रेलवे अब पटरियों की देखरेख के लिए ड्रोन कैमरे के बाद आधुनिक मशीने मंगवा रहा है। इन मशीनों से रेल महकमा पटरियों की देखरेख करवाएगा। ये मशीने पूर्व में लाई गई मशीनों से अलग है। पहले की मशीनें एक स्लीपर्स को ही टेंम्प करती थी। वहीं नई मशीन में एक साथ तीन स्लीपर को टेम्प करने की क्षमता है। इससे गुणवत्तापूर्ण किए गए कार्य की टैम्पिंग ट्रैक मानकों को स्टेबलाइज कर सकती है और उनकी माप कर सकती है। देश में पहली बार ऐसी मशीनें लाई गई है।
अब रेलवे ट्रैक को आधुनिक तरीके से सुरक्षित करने की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में तीन नई मशीन 09-3 एक्स डायनेमिक टेम्पिंग एक्सप्रेस की खरीदी की गई है।

ऐसे काम करेगी मशीन
09-3 एक्स डायनेमिक टेम्पिंग एक्सप्रेस ट्रैक के पूर्व और भूमिति की माप कर सकती है, वांछित भूमिति के लिए ट्रैक को दुरुस्त कर सकती है। एक ही साथ तीन स्लीपर्स को टेम्प कर सकती है, किया गया कार्य गुणवत्तापूर्ण है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए पोस्ट टैम्पिंग ट्रैक मानकों को स्टेबलाइज़ कर सकती है और उनकी माप कर सकती है। इससे कार्य करने पर अलग से स्टेबलाइजेशन मशीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिससे परिचालन लागत और ट्रैक पोजेशन समय में कमी आती है। यह मशीन रेलगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए टैम्पिंग के बाद लूज स्टोन बैलास्ट को वाइब्रेट और कॉम्पेक्ट करेगी। इन मशीनों मेक इन इंडिया के तहत देश में मंगाया गया है।

इनका कहना है

ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी आ सके,इसके लिए रेलवे बोर्ड ने इन मशीनों की खरीदी की है। इन आधुनिक मशीनों से पटरियों की देखरेख का काम पहले की तुलना में बेहतर होगा। मनोज कुमार पीआरओ

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अब टिकट कलेक्टर कहलाएंगे इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क

झाँसी। अब टिकट कलेक्टर यानी टीसी को इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क कहा जाएगा। कॉमर्शियल विभाग के कर्मचारी टीसी, क्लर्क और ईसीआरसी का आपस में विलय होगा। यानी, टीसी अब ईसीआरसी, बुकिंग, पार्सल और गुड्स क्लर्क का भी कार्य करेंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट चेकिंग स्टाफ, कॉमर्शियल क्लर्क और ईसीआरसी को आपस में विलय कर एक कॉमन कैटेगरी तैयार की है।
रेलवे कर्मचारियों के पास आरक्षण केंद्रों पर काम काफी कम हो गया है। पिछले काफी समय से रेलवे में कर्मचारियों की भर्ती भी नहीं हुई है इसलिए रेलवे ने कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव को देखते हुए रिजर्वेशन क्लर्क के कैडर को कॉमर्शियल क्लर्क के साथ विलय कर कॉमन कैटेगरी बनाने का निर्णय लिया। रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल व मंडल अधिकारियों को भेजे गए आदेश के तहत अब टिकट कलेक्टिर को इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क का नाम दिया जाएगा। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे रेलवे बोर्ड ने कॉमर्शियल विभाग के कर्मचारियों का एक कैटेगरी बनाने का अहम फैसला किया है। मौजूदा समय में इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क की संख्या काफी अधिक है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते पार्सल कार्यालय सहित अन्य विभागों में कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद स्टेशन पर सही तरीके से टिकट चेकिंग भी नहीं हो पाती इसलिए रेलवे बोर्ड ने इस समस्या का समाधान करने के लिए यह पॉलिसी बनाई है। अब संबंधित विभाग के अधिकारी आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को एक से दूसरे जगह ट्रांसफर कर सकेंगे।

पहले ऑपरेटिंग स्टाफ का हुआ था विलय
रेलवे ने इससे पहले ऑपरेटिंग स्टाफ को विलय किया था। इसके तहत किसी भी स्टेशन मास्टर को डीआई, यार्ड मास्टर व अन्य पदों पर तैनात किया जा सकता है। इस प्रणाली के सफल होने के बाद अब कॉमर्शियल व रिजर्वेशन क्लर्क की भी कॉमन कैटेगरी बनाई गई है।

इनका कहना है
कॉमर्शियल व ऑपरेटिंग स्टाफ को मर्ज किया जा रहा है ताकि जरूरत अनुसार कर्मचारियों की सेवाएं दूसरे विभागों में ली जा सके। रेलवे बोर्ड की तरफ से आदेश प्राप्त हो गए हैं। इसके तहत सभी कर्मचारियों को डाटा तैयार किया जा रहा है। मनोज कुमार सिंह, रेलवे जनसंपर्क अधिकारी
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रेलवे ने तत्काल टिकट के नियमों में किया बड़ा बदलाव

झाँसी। रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरुरी खबर है। भारतीय रेलवे यात्री सुविधा की दिशा में कई कदम उठा रही है। ऐसे में अब यात्रियों की सुविधाओं के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से तत्काल टिकट की बुकिंग में बदलाव किया गया है।
आमतौर पर रेल यात्री तत्काल टिकट की बुकिंग लास्ट मोमेंट में उस समय करते हैं जब उनका कही जाने का अचानक प्लान बन जाता है। ऐसे में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग में कुछ बदलाव किए हैं। इस समय एसी तत्काल टिकट की बुकिंग सुबह 10 बजे से और नॉन -एसी के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग सुबह 11 बजे से शुरू होती है। यात्री को जिस तारीख में यात्रा करनी होती है, उससे एक दिन पहले तत्काल टिकट की बुकिंग करानी होती है। ऐसे में अगर रेलवे की तरफ से लास्ट मोमेंट में कोई बदलाव होता है तो आप कुछ शर्तों के तहत टिकट की 100 फीसदी रकम को वापस लौटाने के लिए क्लेम कर सकते हैं। तत्काल टिकट बुकिंग के नए नियम के अनुसार अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है तो यात्री टिकट की राशि और तत्काल शुल्क की पूरी राशि को क्लेम कर सकता है।
रेलवे के दूसरे नियम में यात्री को यह सुविधा है कि अगर ट्रेन अपने निर्धारित रूट से अलग किसी अन्य रूट से जाती है या यात्री उस रूट से यात्रा नहीं करना चाहता या अन्य रूट के अंतर्गत यात्री का गंतव्य स्टेशन नहीं आता हो, तो उस स्थिति में भी यात्री टिकट की राशि के लिए क्लेम की मांग कर सकता है। रेलवे के नियम के अनुसार अगर यात्री लोअर क्लास में सफर न करना चाहे तो वह फुल रिफंड के लिए भी क्लेम कर सकता है। रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार तत्काल टिकट की बुकिंग के समय आईडी प्रूफ दिखाने की जरूरत नहीं है। यात्रियों को यात्रा के दौरान एक आईडी प्रूफ अपने साथ रखना होता है। आपको बता दें इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने यात्री सुविधा की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

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