लेडी सिंघम ने फिर कर दिया कारनामा, हुई सम्‍मानित

यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर रंजना गुप्ता ने फिर बढ़ाया सम्मान, नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक समेत जीते पांच पदक, एसएसपी ने इंस्पेक्टर और महिला आरक्षी को किया सम्मानित, 25-25 हजार का दिया इनाम

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झाँसी। एक बार से महिला इंस्पेक्टर रंजना गुप्ता ने यूपी पुलिस को सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने हरियाणा में आयोजित 61 नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप 2018 प्रतियोगिता में एक गोल्ड, एक सिल्वर व तीन कांस्य पदक और महिला आरक्षी अमृता पांडेय ने एक कांस्य पदक जीता है। इन पदकों से हरियाणा में यूपी पुलिस की प्रशंसा हुई है।
सोमवार को पदक लेकर महिला इंस्पेक्टर रंजना गुप्ता और महिला आरक्षी अमृता पांडेय झाँसी आई। इसकी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह को हुई तो उन्होंने प्रशंसा की। साथ ही महिला इंस्पेक्टर और महिला आरक्षी को सम्मानित किया। दोनों को उनके द्वारा 25-25 हजार रुपये का नगद इनाम भी दिया है। यह प्रतियोगिता कादरपुर की सीआरपीएफ अकादमी हरियाणा में 21 मार्च से 18 अप्रैल 2018 तक आयोजित की गई थी।

लेडी सिंघम के नाम से जानी जाती हैं रंजना गुप्ता

एक ऐसे दबंग लेडी इंस्पेक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका नाम सुनते ही बदमाशों की पैंट गीली हो जाती है। बुरे काम करने वाले नाम सुनते ही थर-थर कांपने लगते हैं। यह गुंडों का मुकाबला एकदम फ़िल्मी अंदाज में करती हैं। यही वजह है कि इन्हें लोग लेडी सिंघम के नाम से जानते हैं। थोडा सब्र रखिये हम आपको उनके बारे में सबकुछ बताएँगे। जब आप भी इनके बारे में जानेंगे तो इनके हौसले और साहस की तारीफ़ करेंगे और इनके अंदाज के दीवाने हो जायेंगे। अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर रंजना गुप्ता ने हरियाणा में आयोजित 61 नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप(बिगबोर)प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है। रंजना अंतर्राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज भी हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता में पहली बार गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर रंजना ने दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं में मेडल जीता है। आपको यह जानकार और भी हैरानी होगी कि डॉ. रंजना ने 2007-08 में कॉलेज में लेक्चरर की आरामदायक नौकरी छोड़कर यह कैरियर चुना।

अमृता पांडेय भी रचा चुकी हैं इतिहास

महिला आरक्षी अमृता पांडेय भी अभी तक दो पदक हासिल कर चुकी है। अमृता पांडेय ने प्रथम स्वर्णपदक प्राप्त कर इतिहास रचा था। बताते हैं कि वर्ष 2017 में पूर्व जीवी मावलेकर शूटिंग चैम्पियनशिप में अमृता पांडेय ने प्रथम बार शामिल हुई थी और कांस्य पदक प्राप्त किया था। हाल ही में 61 नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में 300 मी.प्रोन में कास्य पदक प्राप्त किया है।

विश्वास था निशाने पर और लगा भी निशाना

कानपुर में पली-बढ़ी रंजना को बचपन से ही (निशानेबाजी) का शौक था, घरवालों को यह बात पसंद न थी।  पिता को भी यह पसंद नहीं था कि रंजना इंटर के बाद कॉलेज की पढ़ाई जारी रखे। रंजना ने अपनी जिद व विश्वास से परिवार को आगे की पढ़ाई के लिए मना लिया। बीएड, एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल तो कर ली, लेकिन अपने पसंदीदा खेल को भूलना पड़ा। परिवार वाले तो निशानेबाजी के एकदम खिलाफ थे। तभी रंजना की जिंदगी में उम्मीद की एक रोशनी आई। उत्तर प्रदेश पुलिस (2005) में सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन हो गया। वर्ष 2008 में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनका चयन हो गया। अब सामने मुश्किल यह थी कि रंजना के पास अपनी शूटिंग रायफल नहीं थी। हैदराबाद के एक शूटर से किराये की रायफल लेकर उन्होंने `ऑल इंडिया शूटिंग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप’ में पहला पदक जीत कर साबित कर दिया कि दिल में जज्बा हो, तो नामुमकिन को भी मुमकिन बनाया जा सकता है। इंडो-भूटान इंटरनेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप, अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड पुलिस इंटरनेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप-2015 में तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पुरस्कार समेत कई और पुरस्कार जीतकर रंजना ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया है, बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन किया है।

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