अब पानी के जहाज की तरह होंगे ट्रेन में भी कप्‍तान

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झांसी। अभी तक पानी के जहाज में एक कप्‍तान हुआ करता था, जोकि किसी भी समस्‍या को दूर करने और अन्‍य परेशानी आने पर उस समस्‍या का हल निकाला करता था। इसी तर्ज पर अब ट्रेन मेें भी एक कप्‍तान होगा, जोकि यात्रियों की समस्‍याओं को दूर करने का हरसम्‍भव प्रयास करेगा। हालांकि यह व्‍यवस्‍था अभी शताब्‍दी जैसी ट्रेन से प्रारम्‍भ की गई है। इसके बाद अन्‍य ट्रेन में भी शुरु की जाएगी।
झांसी रेलवे के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 23 जून शनिवार से झांसी मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार सिंह द्वारा ट्रेन कप्तान की नियुक्ति की गई है। इसके लिए उन्होंने ट्रेन कप्‍तान बैज संबंधित स्टाफ को प्रदान किये। ट्रैन कप्तान की नियुक्ति के पश्चात अब यात्रा कर रहे यात्रियों की परेशानियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के लिए वह ट्रैन कप्तान को सूचित कर सकेंगे, जो उनकी समस्या का समाधान करेगा। फिलहाल ये सुविधा नई दिल्ली– भोपाल– नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में शुरू की जा रही है। ट्रेन में सफर के दौरान लोगों को पेश आ रही सभी परेशानियों का समाधान निकालने के लिये रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है और इस फैसले के अधीन लोगों की परेशानियों का समाधान निकालने के लिये अब ट्रेन कप्‍तान मौजूद रहेगा। वह सभी समस्याओं को तत्काल रूप से हल करेगा। ट्रेन में अक्सर एयर कंडीशनर (एसी), पंखे व लाइट खराब होने के साथ ही शौचालय की सफाई को लेकर यात्री परेशान रहते हैं। खानपान, प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को सीट आवंटन में गड़बड़ी को लेकर भी उनकी शिकायतें रहती हैं, लेकिन सफर के दौरान उसका समाधान मुश्किल होता है। यात्रियों को यह समझ नहीं आता है कि वह शिकायत लेकर किसके पास जाएं। इसके समाधान के लिए ट्रेनों में कैप्टन तैनात करने का फैसला किया गया है।
उन्‍होंने बताया कि इस नई व्यव्स्था के तहत ट्रेन में तैनात सभी कर्मचारियों के पास कैप्टन का मोबाइल नंबर होगा। इसके साथ ही आरक्षण चार्ट पर कैप्टन का नाम व नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। उनकी अलग वर्दी व बैज होगा। जिससे यात्रियों को उन्हें पहचानने में कोई दिक्कत न हो। ट्रेन में तैनात सभी कर्मचारी ट्रेन कैप्टन को रिपोर्ट करेंगे, जिससे शिकायतों का शीघ्र समाधान होगा। शीघ्र ही अन्य ट्रेनों में भी ट्रेन कप्तान की नियुक्ति की जाएगी।
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सीटीआई की सतर्कता से यात्री को वापिस मिले उसके रुपए

झांसी। गाड़ी क्र 18237 में बी2 की सीट नम्बर 36 पर बिलासपुर से ललितपुर के बीच यात्रा कर रहे अशोक तिवारी का एक बैग गाड़ी की सीट पर ही छूट गया और वो ललितपुर स्टेशन पर उतर गए। जब उन्हें कुछ देर बाद याद आया, तब तक गाड़ी तालबेहट निकल चुकी थी। श्री तिवारी ने अपने परिचित वाणिज्य निरीक्षक ग्वालियर नटवर सिंह को इस घटना से अवगत कराया।
नटवर सिंह ने तुरन्त मुख्‍य टिकट निरीक्षक लॉबी झांसी से सम्पर्क कर इटारसी से झांसी के बीच एसी में कार्यरत मुख्य टिकट निरीक्षक रामबाबू शर्मा को इस घटना की जानकारी दी। श्री शर्मा ने अपने सहयोगी टीटीई रविकांत के साथ बी2 की सीट नम्बर 36 पर छानबीन की, जिसमें एक छोटा बैग बेडरोल के बीच दबा पाया गया। इसमें पूरे 19000 रुपये सुरक्षित रखे हुए थे। श्री शर्मा ने उक्त धनराशि सीटीआई लॉबी में कार्यरत मुख्य टिकट निरीक्षक अरविंद भट्ट को सौंप दिए, जोकि बाद में श्री तिवारी तक पहुंचा दिए गए। श्री तिवारी द्वारा रामबाबू शर्मा द्वारा दिखाई गई सतर्कता एवं ईमानदारी के लिए बहुत बहुत आभार व्यक्त किया गया तथा रेल प्रशासन के प्रति कृतज्ञता दिखाई।

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