भूगर्भ जलसंसाधनों के प्रति जनमानस को जागरुक करने की जरुरत: मण्डलायुक्त

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झांसी। मण्डलायुक्त झांसी मण्डल झांसी श्रीमती कुमुदलता श्रीवास्तव ने बतााया कि 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य विचार बिन्दु भूजल संरक्षण-समय की मांग रखा गया है। सभी सम्बन्धित अधिकारी भूजल सप्ताह के सफल आयोजन हेतु समस्त कार्यवाही पूर्ण करना सुनिश्चित करे। उन्होने भूजल जागरुकता को एक अभियान के रुप मे लेने की बात कही है। उन्होने कहा है कि भूगर्भ जलसंसाधनों के प्रति जनमानस को वृहद्व स्तर पर जागरुक करने एवं इस कार्य को एक सतत अभियान का रुप देने में शिक्षक, विद्यार्थी, युवा सक्रिय भागीदारी देकर उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि विगत दो-तीन दशकों में प्रदेश में सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक सेक्टर मे जल संसाधनों की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि होने के परिणाम स्वरुप भूगर्भ जल स्रोतों का अत्यधिक दोहन किये जाने से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर भूजल स्तर में चिन्ताजनक गिरावट एवं अतिदोहन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, वही दूसरी ओर नहर समादेश क्षेत्रों में भूजल स्तर ऊपर आने से जल प्लावन की समस्या से कृषि उत्पादकता प्रभावित हुई है। भूगर्भ जल की सुरक्षा, नियोजित विकास, संरक्षण एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जन जागरुकता प्रभावी ढंग से सृजित करने में स्कूल, कालेजों, शैक्षिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, स्वैच्छिक संस्थाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करायी जाए।
उन्होने कार्यक्रम की व्यापक सफलता हेतु निम्न व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर बल दिया है। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग एवं अन्य राजकीय शिक्षण संस्थाएं इस आयोजन हेतु अपने नियंत्रणाधीन स्कूल-कालेजों, विश्वविद्यालयों व शैक्षिक संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत करेगे और उक्त आयोजन का अनुश्रवण करेगे। जल संसाधनों से सम्बन्धित समस्त विभाग यथा-सिंचाई, कृषि, लघु सिंचाई, प्रदूषण, नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण विभाग, भूमि विकास एवं जलसंसाधन, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पेयजल एवं स्वच्छता मिशन तथा उ0प्र0 जल निगम, समस्त शहरी निकाय, रिमोट सेसिंग अप्लीकेशन सेन्टर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उपकार, वाल्मी आदि भूजल सप्ताह के आयोजन में समुचित भागीदारी के साथ आवश्यकतानुसार तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। शहरी क्षेत्रों में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग अपने अधीनस्थ प्राधिकरणो, उ0प्र0 आवास विकास परिषद आदि के माध्यम से इस आयोजन की अवधि में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन जागरुकता हेतु पोस्टर्स, बैनर्स, होर्डिग्स आदि का प्रदर्शन कराये। जन सामान्य की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कराये जाने के उददेश्य से केन्द्रीय संस्थानों/प्रतिष्ठानों, गैर सरकारी संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों का भी यथा सम्भव सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाए। विशेष रुप से कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला विज्ञान क्लब, पर्यावरण शिक्षा केन्द्र, शिक्षा मित्र, आंगनबाडी केन्द्र, जल उपभोक्ता समितियां, रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसाइटी, भारतीय उद्योग परिसंघ, इण्डिन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, औद्योगिक प्रतिष्ठान, इण्डियन आर्कीटेक्ट एसोसिएशन, बिल्डर्स एसोसिएशन, इन्सटीट्यूशन आफ इंजीनियर्स, युवा मंगल दल, नेहरु युवा केन्द्र जैसे संगठनों को भी इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे।

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