सामूहिक विवाह योजना : एक करोड़ 66 लाख से होंगे 476 विवाह

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झांसी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग ले सकें। जनपद के सभी निकायों में आवेदन पत्र जमा करने के लिए काउण्टर खोलें जाएं। विकास खण्ड में भी योजना के तहत आवेदकों के फार्म जमा कराए जाएं। तहसील में प्रचार प्रसार के लिए वॉल पेण्टिंग का इस्तेमाल किया जाए। उक्त निर्देश जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने विकास भवन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की जानकारी देते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना द्वारा सामूहिक विवाह सम्पन्न कराकर सर्वधर्म समभाव व सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग व सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तिओं की पुत्रियों की शादी के लिए सामूहिक विवाह योजना प्रारम्भ की गई है। योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले जरुरतमंद, निराश्रित, निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं की शादी के लिए योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि विवाह योजना में जनपद को एक करोड़ 66 लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। इस धनराशि से 476 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जा सकता है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन करें। सामूहिक विवाह का आयोजन जनवरी 2018 में किया जाएगा। योजना की जानकारी देते हुए समाज कल्याण अधिकारी इजराउल हक ने बताया कि कन्या के अभिभावक उप्र के मूल निवासी हों, निराश्रित, निर्धन तथा जरुरतमंद हों। आवेदक गरीबी रेखा की सीमा के तहत हो। विवाह के लिए किए गए आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण होना चाहिए। विवाह के लिए निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री या फिर दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली व गृहस्थी की स्थापना के लिए 20 हजार रुपए उसके खाते में भेजी जाएगी। वहीं विधवा, परित्यक्ता व तलाकशुदा के मामले में यह राशि 25 हजार रुपए होगी। विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री (कपडे़, जेवरात, बर्तन) के लिए 10,000 रुपए और विधवा, परित्यक्ता व तलाकशुदा के लिए यह राशि पांच हजार रुपए होगी। कार्यक्रम आयोजन व व्यवस्थाओं के लिए पांच हजार प्रति जोड़ा विवाह समिति को दिया जाएगा। एक जोड़े पर 35 हजार रुपए का व्यय किया जाएगा। जनवरी 2018 में 100 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ए दिनेश कुमार, डॉ सुरेश सिंह, विजय बहादुर सिंह, बीके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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