ग्रामीण विकास महिला सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं

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झाँसी। ‘‘ किसी भी समाज में महिलाओं को आगे लाये बिना समाज का उत्‍थान संभव नहीं है। महिलाओं को इस प्रकार सबल बनाने की जरूरत है, कि वे स्वयं अपने परिवार को मुख्य धारा में ला सके। महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाकर उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि शासन, प्रशासन के विभिन्न विभाग, समाज व परिवार मिलकर महिलाओं का सहयोग करें, ताकि वे न केवल शिक्षित हों, बल्कि आर्थिक रुप से सशक्त भी हों।’’ उपरोक्त विचार उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 20 नवम्बर से 20 दिसम्बर 2018 तक मनाये जा रहे ‘‘नारी शक्ति आव्हान अभियान’’ के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिनिधि एवं जिला युवा कल्याण अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह झाँसी ने व्यक्त किये।
वह बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा ग्राम जोहर नगर में शिक्षा, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं सुरक्षा आदि विषयों को केन्द्रित जागरुकता संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि महिलाएं ही स्वच्छता की ज़िम्‍मेदारी का निर्वहन करती हैं। महिलाओं को खुले में शोच जाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही महिला श्रमिकों का कैसे पंजीकरण किया जाये, इसके सम्बन्ध में भी जानकारी दी। जागरुकता संगोष्ठी की विशिष्ट अतिथि महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने महिला आत्म सुरक्षा की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने 1098 के बारे में भी उपस्थित महिलायों को जानकारी दी। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि धर्मेंद्र चौधरी ने लड़कियों की शिक्षा को महिलायों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण बताया। समाजसेवी राजकुमार द्विवेदी ने कहा कि संचार क्रांति से महिलाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा महिला शशक्तिकरण के ऊपर नुकड़ नाटक कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी की सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ मीनाक्षी सिंह ने की। उन्होंने कहा की बुंदेलखंड विश्वविद्यालय इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार करता रहेगा। संचालन कृषि विभाग सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ जीतेन्द्र बबेले ने किया।

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