26 तक बंद रहेंगी बैंक, सिर्फ 24 को खुलेंगी

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झाँसी। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्ज कंन्फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले में 250 ऑफिसर्स द्वारा रखी गई 24 घंटे की हड़ताल का झाँसी में भी खासा असर देखने को मिला। एसबीआई के मुलाजिमों द्वारा 20 दिसंबर आधी रात से 21 दिसंबर की आधी रात तक अपना कामकाज बंद रखे जाने से जिले की 80 शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं। जिले के बैंकों में रोजाना करीब 15 करोड़ रुपये का लेनदेन होता जो हड़ताल के कारण प्रभावित रहा। स्टेट बैंक की मु य शाखा परिसर में एक विशाल हड़ताल, धरना एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए स्टेट बैंक अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सुशील तिवारी ने कहा कि यह हड़ताल केंद्र सरकार और इंडियन बैंक ऐसोसिएशन के अडिय़ल रवैये के कारण करनी पड़ी है। देश के सरकारी बैंक अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है एवं सरकार की गलत नीतियों के कारण बैंकों का एनपीए दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने ने कहा, इंडियन बैंक
ऐसोसिएशन स्केल-1 ऑफिसर से लेकर स्केल-3 तक वेज रिवीजन करना चाहती है, जबकि यूनियन ने स्केल-1 से लेकर स्केल-7 तक वेज रिवीजन की मांग रखी है। वहीं, पीएनबी अधिकारी संघ के मंडल सचिव सी वी आर्या ने कहा कि भारत सरकार एवं भारतीय बैंक संघ बैंक अधिकारियों के प्रति भेदभाव रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो नई पेंशन स्कीम लागू की है, यह मुलाजिम विरोधी है और उसे वापस लिया जाए। उधर, एएलबीओसी के जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मोहन अवस्थी ने कहा कि सरकार की हटधर्मिता के कारण बैंकों की वेज रिवीजन एक नवंबर 2017 से लटक रही है, चार यूनियंस, जो युनाइटेड फ्रंट ऑफ बैंक यूनियन के नाम पर फ्रंट बना हुआ है, उन्होंने जो मांगें पेश की हैं, उसके आधार पर बैंकों की वेज रिवीजन 20 प्रतिशत की जाए। उन्होंने कहा कि बैंकों को सिर्फ बैंङ्क्षकग के कामकाज करने के लिए फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि जीवन बीमा में युचअल फंड्स आदि का उनपर फालतू बोझ डाला गया है जबकि जीवन बीमा और युचअल फंड्स कंपनियां अलग तौर पर काम कर रही हैं। पहले भी केंद्र सरकार ने आठ बैंकों का मिलान करके एक भारतीय स्टेट बैंक बना दिया और अब भी सरकार बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया और देना बैंक का मिलान करने जा रही है जो सरासर गलत है। सरकार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का भी दूसरे बैंकों में मिलान कर समाप्त करना चाहती है। इस अवसर पर इलाहाबाद बैंक अधिकारी संघ के सचिव राजेश सोनकर, सिंडीकेट बैंक के सचिव रामकुमार वमा्र, बैंक ऑफ इंडिया के सुधीर त्रिपाठी, केनरा बैंक अधिकारी संघ के प्रेम नारायण, राजेश मुडिय़ा, बी के तिवारी, कमलेश मिश्रा, अभिताभ निगम, सज्जन तिवारी, रतनलाल पांडेय, प्रवीण शर्मा, श्याम सुंदर, अंकित श्रीवास्तव, सुधीर सक्सेना, नरेन्द्र कुमार, एन बी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, श्रीमती ज्योति वर्मा, निहारिका इत्यादि ने भी संबोधित किया।

छुट्टी और हड़ताल के चलते पांच दिन रहेंगे बंद

बैंकों की हड़ताल शुरू हो गई है। बैंक हड़ताल और सरकारी छुट्टियों के चलते अब बैंक अगले पांच दिन बंद रहेंगे। यदि आपका कोई बैंक से सम्‍बंधित ज़रूरी काम बाकी बचा है तो उसे 24 दिसंबर को बैंक की शाखाएं खुलेंगी इसलिए काम निपटा ले क्योंकि उसके बाद अगले दो दिन बैंक नहीं खुलेंगे। क्रिसमस की छुट्टी के चलते 25 दिसंबर को बैंक बंद रहेंगे। जबकि 26 दिसंबर को यूनाइटेड फोरम की तरह से फिर हड़ताल की वजह से बैंक बंद रहेंगे। दरअसल, ऑल इंडिया ऑफिसर कन्फडरेशन के आह्वान पर 21 दिसंबर को बैंक कर्मी केंद्र की नीति के विरोध में हड़ताल पर रहे हैं। 22 को महीने का चौथा शनिवार और 23 को रविवार होने के कारण बैंकों में छुट्टी रहेगी। इतने दिनों तक बैंक बंद होने की वजह से खाताधारकों के चेकों के क्लीयरेंस में बाधा आ सकती है और लोगों को कैश की किल्लत झेलनी पड़ सकती है। कुछ जगहों पर इसको लेकर बैंककर्मी सरकार के उपरोक्त नीतियों के विरोध में बैंक अधिकारियों की एक बड़ी रैली निकाली जाएगी। वैसे तो आजकल ज्यादातर लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन करने लगे हैं लेकिन इसके बावजूद बैंकों में जाना ही पड़ता है। कई दिनों तक बैंक बंद होने की वजह से इसका नुकसान आम आदमी को उठाना पड़ेगा। इन पांच दिनों में कैश की किल्लत का सामना भी करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि इससे पहले नवंबर में 23-25 तक तीन दिन के लिए बैंक बंद रहे थे। इसके अलावा दीपावली पर भी पांच के लिए बैंक बंद रहे थे।

बैंक अधिकारियों की क्या हैं मांगें

स्केल वन से लेकर स्केल सात तक के सभी बैंक अधिकारियों को केंद्र सरकार के अन्य कार्यालयों के समान वेतन मिले। चार्टर ऑफ डिमांड के अनुरूप वेतन समझौता। बैंकों का कार्यदिवस 6 दिन की जगह पांच दिन किया जाए। नई पेंशन नीति को बदलकर पुरानी व्यवस्था को लागू करने की मांग। बैंक को थर्ड पार्टी के कामों से मुक्त किया जाए। और उसे सिर्फ कोर बैंकिंग करने दिया जाए। क्षेत्रीय ग्रमीण बैंकों के अधिकारियों को राष्ट्रीयकृत बैंकों की तर्ज पर पेंशन एवं अन्य लाभ दिया। बैंक अधिकारी एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि साइबर क्राइम का बड़ा कारण बैंकों में आउटसोर्सिग हैं। जिससे ग्राहकों का डाटा लीक हो रहा है। और साइबर क्राइम की घटनाएं होती हैं। जिले की 80 बैंक शाखाओं में शुक्रवार को हड़ताल रहीहै। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सुशील तिवारी ने बताया कि सभी बैंकों के अधिकारी 21 दिसंबर को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। कंफेडेरेशन द्वारा इस तरह की हड़ताल पहली बार बुलायी गई है। उन्होंने ने बताया कि वर्तमान में एसोसिएशन के सदस्य 20 बैंकों में हैं। हड़ताल में ग्रामीण एवं सहकारी बैंकों की शाखाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्टॉफ की कमी से बैंक जूझ रहे हैं।

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