स्‍वच्‍छ पेयजल उपलब्‍ध कराना ग्राम प्रधान की जिम्‍मेदारी – प्रतिमा यादव

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झांसी। ‘बिन पानी सब सून’ जल ही जीवन है और इसे संरक्षित करना हमारा लक्ष्य है। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय निर्माण के साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना भी ग्राम प्रधान का दायित्व है। कार्यशाला में पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन व अनुरंक्षण की जो जानकारी दी जा रही है। उसे समस्त ग्राम प्रधान गम्भीरता से आत्मसात करें ताकि क्षेत्र मे जो पाइप पेयजल योजनाये चल रही है, वह सुचारु रुप से संचालित हो और ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो सके।
उक्त उदगार जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव ने विकास भवन सभागार में आयोजित समुदाय आधारित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन एवं अनुरंक्षण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु मण्डल स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये। उन्‍होंने कार्यशाला का दीप प्रज्जवलत करते हुए शुभारम्भ किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए श्रीमती प्रतिमा यादव ने कहा कि ग्राम पंचायत पेयजल स्वच्छता समिति का दायित्व है कि योजना के रखरखाव हेतु धनराशि की व्यवस्था संयोजन देकर जल शुल्क के माध्यम से वसूल करे। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी शुल्क जमा नही करते है तो उनका संयोजन काटे जाने की भी कार्यवाही की जाए। यदि योजना के अनुरक्षण हेतु प्राप्त धनराशि कम है तो परियोजना हस्तान्तरण के उपरान्त पंचायतीराज संस्थाओं/संचालन समिति/संयुक्त संचालन समिति द्वारा लिये जाने वाले यूजर्स चार्जेस की न्यूनतम दर रु 50 प्रतिमाह व प्रति परिवार की बढोत्तरी हेतु संचालन समिति निर्णय ले सकती है। एक दिवसीय कार्यशाला में डा. सुनीत कुमार सोनकर, सलाहकार राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ ने बताया कि 28 जनवरी 2014 को पंचायतीराज अधिनियम के तहत सातवीं ग्राम पंचायत स्वच्छता समिति का गठन हो गया है। सातवीं वैधानिक समिति का दायित्व योजना की क्षमतावर्धन करना, उसके कार्य व दायित्व तथा संचालन में सहयोग एवं सहभागिता है, जिससे यह पाइप पेयजल योजना सुचारु रुप से संचालित हो सके। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजनाओं वांछित मानकों के अनुरुप संचालन एवं अनुरक्षण कर ग्रामवासियों को शुद्व, स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। डॉ. सुनीत कुमार सोनकर ने उपस्थित ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनधियों से कहा कि यदि योजना कम लागत में संचालित हो तो बेहतर होगा, उसके लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर ले। यदि ग्राम प्रधान द्वारा योजना का बेहतर संचालन होगा तो वर्षो प्रधान को याद किया जाएगा। सलाहकार राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने कार्यशाला में बताया कि पेयजल योजना के सफल संचालन हेतु स्थानीय समुदाय की सहभागिता, पेयजल योजना का नियमित रखरखाव उसकी लागत का संतुलित होना व समुदाय का विश्वास बना रहना अति महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी जालौन श्रीमती मिथलेश कुमारी सचान ने कहा कि स्वच्छता का एक घटक शौचालय है तो दूसरा घटक स्वच्छ पेयजल है। उन्होने योजनान्तर्गत संयोजन कैसे बढाये जाने की जानकारी दी। जिला विकास अधिकारी झांसी श्री उग्रसेन सिंह यादव ने कहा कि पाइप पेयजल परियोजना के सफल संचालन हेतु ग्राम प्रधान समय से विद्युत बिल अदा करे ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु बनी रहे। उन्होने योजनाओं के संचालन में जो भी छोटी मरम्मत आदि है, उन्हें समय से ठीक कराने का भी सुझाव दिया। कार्यशाला में जनपद ललितपुर के महरौनी ब्लाक प्रमुख दरयाव सिंह ने पाइप पयेजल योजना के संचालन में विद्युत आपूर्ति सुचारु न होने से बाधित होती है। अतः योजनाओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित किया जाए तो बेहतर होगा। जनपद ललितपुर से आये ग्राम प्रधान संजीव सोनी ने बताया कि ग्राम झावर में वर्षो से टंकी का निर्माण हो गया है, परन्तु पानी सप्लाई नहीं हो रही है। यदि पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाए तो ग्रामवासियो की परेशानी कम हो जाएगी। इस अवसर पर पीडी आर.के. गौतम, डीडीओ ललितपुर इन्द्रमाणि, ग्राम प्रधान जालौन प्रेम सिंह, अशोक कुमार, श्रीमती अखिलशी देवी, सोनम देवी, अधिशासी अभियंता विद्युत डी. यादुवेन्द्र, जल निगम कौशल किशोर आदि उपस्थित रहे।

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