अपराध समाचार- रिपाेेेर्ट गौरव कुशवाहा

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जुआ खेलते छह गिरफ्तार

झाँसी। प्रेमनगर थाने की पुलिस ने हारजीत की बाजी लगाते समय छह लोगों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक ग्वालटोली मोहल्ले में रहने वाले गजेन्द्र सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के पास से 2160 रुपए व ताश के पत्ते बरामद किए।
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शराब बेचते चार गिरफ्तार

झाँसी। अलग – अलग थानों की पुलिस ने कच्ची शराब बेचने के आरोप में चार लोगों को पकड़ लिया। शाहजहांपुर पुलिस ने पांडोरी तिराहा के पास से अमृत सिंह, उल्दन थाने की पुलिस ने श्रीमती रजनी व बबीना पुलिस ने कल्ला उर्फ राजन व दिनेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। सभी के पास से 50 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई।
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दलित को पीटा

झाँसी। गुरसरांय थाना क्षेत्र के जेएम के पास रहने वाले शैलेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह गरौठा चौराहा के पास खड़ा था, तभी तीन लोग आए और उससे गाली गलौज की। मना करने पर उसकी पिटाई की। जाति सूचक शब्द से अपमानित किया। पुलिस ने राजकुमार समेत तीन लोगों के खिलाफ दफा 323,504, एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
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दहेज की खातिर युवती प्रताड़ित

झाँसी। दहेज की मांग पूरी न करने पर ससुरालियों ने एक युवती को प्रताड़ित किया। बाद में धमकी देकर युवती को घर से निकाल दिया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के उन्नाव गेट अंदर मोहल्ले में रहने वाली श्रीमती स्नेहप्रभा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी शादी ग्वालियर के रेशम पीठ के पास रहने वाले राजकुमार से हुई है। शादी में उसके पिता ने हैसियत के अनुसार दहेज दिया है। आरोप है कि शादी के बाद ससुरालियों ने दहेज की मांग की। मांग पूरी न करने पर उसे प्रताड़ित किया। पुलिस ने राजकुमार समेत ग्यारह लोगों के खिलाफ दफा 498ए, 323,506,504, 3/4 दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
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दलित पर हमला, मुकदमा

झाँसी। सदर बाजार थाना क्षेत्र के भगवंतपुरा मोहल्ले में रहने वाले रोशन लाल अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह घर के बाहर खड़ा था, तभी चार लोग आए और लाठी डंडों से उस पर हमला किया। विरोध करने पर जाति सूचक शब्द से अपमानित किया। पुलिस ने सुधीर, गुड्डू, अवधेश और कल्लू खंगार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
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कितने नामजद हुए गिरफ्तार, किसको दी थाने से बेल, बतायेंगे थानेदार

पुलिस महानिदेशक के आदेश से पुलिस अफसरों में मचा हड़कंप
झाँसी। अब अपराधियों की गिरफ्तारियों में थाने का खेल नहीं चलेगा। थाना स्तर पर होने वाला फर्जीवाड़ा थानेदार को महंगा पड़ेगा, दरअसल पुलिस मुख्यालय में इस बात की शिकायत पहुंच रही थी कि पुलिस किसी और को पकड़ कर दूसरे के नाम पर गिरफ्तारी दिखाती है और फिर थाने से बेल दे देती है। इससे गिरफ्तारी का आंकड़ा कागज में मेंटेन हो जाता है।
इन्हीं आंकड़ों पर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गुमराह किया जाता है। आंकड़े के हिसाब से लगता है कि सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि हत्या, लूट, बलात्कार, घोटाला जैसे बड़े ऑपराधिक मामलों के नामजद आरोपित पकड़ में आते ही नहीं हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत लाभ दिया जाता है। पुलिस इसमें तमाम तरह से खेल करती है, समय से केस डायरी नहीं भेजी जाती है, बयान, गवाही, मेडिकल में जान बूझ कर देरी की जाती है। इन सब पर नकेल कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने निर्देश जारी किया है और अब गिरफ्तारी की डिटेल के साथ नामजद आरोपितों की भी डिटेल मांगी गयी है।

पुलिस करती है आधा-अधूरा खुलासा और गिरफ्तारी
पुलिस बड़ी घटनाओं में सीधे तौर पर व्यवस्था की आंखों में धूल झोंकती है। मुख्य शूटर या आरोपित को पकड़ने के बजाय दूसरे अपराधियों को पकड़ती है, जिन्हें कांड में शामिल होना बता कर जेल भेज देती है, दावा यह किया जाता है कि पकड़े गये लोग अपराधियों का सहयोग कर रहे थे, लेकिन सहयोगी के किरदार वाले तो पकड़े जाते हैं पर मुख्य आरोपित पुलिस को चकमा देते रहते हैं। झाँसी में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें आधा-अधूरा खुलासा हुआ और मुख्य आरोपित नहीं पकड़े गये। सरकारी आंकड़ों में यह दिखाया जाता है कि कांड का खुलासा हो चुका है, पर अदालत में मामला जाने पर आरोपित बनाये गये सहयोगियों को बेल हो जाती है और मुख्य आरोपित कानून व्यवस्था से आंख मिचौली खेलते रहते हैं।

थाने में दबा दिये जाते हैं वारंट
सूत्रों कि मानें तो बड़े अपराधी थाने में पुलिसकर्मियों को सेट कर लेते हैं। इस साठ-गांठ की वजह से कोई नया थानेदार चाह कर भी किसी अपराधी को नहीं पकड़ पाता। गिरफ्तारी से पहले अपराधियों को यह जानकारी मिल जाती है कि पुलिस छापेमारी करने वाली है, थाने पर सेटिंग करके कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट को भी दबा दिया जाता है। थाने के इस खेल में मामले के वादी अधिकारियों के चक्कर काटते रहते हैं पर उन्हें न्याय नहीं मिल पाता है, हालत यह है कि केस दर्ज नहीं करने, गिरफ्तारी नहीं करने की शिकायत को लेकर फरियादी अधिकारियों के पास दस्तक देते रहते हैं।

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