एनएसएस विद्यार्थियों में सहचर्य तथा नेतृत्‍व क्षमता का विकास करने में सहायक: कुलपति

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झांसी। राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में आपसी साहचर्य तथा नेत्त्व क्षमता के विकास करने में सहायक होती है। यह विचार आज बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.जे.वी.वैशम्पायन ने व्यक्त किये। प्रो.वैशम्पायन आज बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रथम, चतुर्थ एवं सप्तम के संयुक्त तत्वाधान में राजकीय पाॅलिटेक्निक के छात्रावास में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के अन्तिम दिन शिविर के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित स्वयंसेवकों को सम्बोधित कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना में कार्य करने से छात्रों में समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणों का विकास भी होता है। इसकी गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी, समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। उन्हांेने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर सामुदायिक सेवा के माध्यम से स्वयंसेवकों के के व्यक्तित्व को विकसित करने में सहायक होता हैं। उन्होंने कहा कि ये शिविर स्वयंसेवकों को उनके सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक करने में भी सहायक होते हैं। कुलपति ने आशा व्यक्त की कि सभी शिविरार्थी शिविर से प्राप्त ज्ञान के द्वारा भविष्य में समाज के प्रति उपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डा.मुन्ना तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना उच्च शिक्षा मंे अध्ययनरत युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा के लिए प्रेरित करता है। डा.तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक कल्याण के विचार को जगाना और बिना पक्षपात के समाज को सेवा प्रदान करना है। एन.एस.एस. के स्वयंसेवक ग्रामीणों से सीखते हैं कि संसाधनों की कमी के बावजूद एक अच्छा जीवन कैसे जिया जा सकता है। उन्हांेेने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का अभ्यास सभी स्वयंसेवकों का मुख्य उद्देश्य होना चाहिये।
समापन समारोह का श्ुाभारम्भ एन.एस.एस. के लक्ष्य गीत ‘‘उठें समाज के लिए, उठें, उठें’’ व ध्येय गीत ‘‘हम होगें कामयाब’’ से हुआ। कार्यक्रम प्रारम्भ करते हुए ईकाई प्रथम के कार्यक्रम अधिकारी डा.यतीन्द्र मिश्रा ने आमंत्रित अतिथियों को स्वागत करते हुए विशेष शिविर की आख्या प्रस्तुत की। डा.मिश्रा ने बताया कि शिविर के पांचवें दिन एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों द्वारा राजकीय पाॅलिटेक्निक के छात्रावास से प्रारम्भ होकर ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग एवं बी.के.डी. चैराहे होते हुए आंतियाताल तक एक प्लास्टिक व पाॅलिथीन मुक्त भारत विषयक जागरूकता रैली निकाली गई। जागस्कता रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता, प्लास्टिक एवं पाॅलिथीन मुक्त भारत के प्रति आसपास के लोगों को जागरूक भी किया।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों के द्वारा प्लास्टिक एवं पाॅलिथीन उपयोग से होने वाले नुकसान को प्रदर्शित करते हुए प्लास्टिक एवं पाॅलिथीन मुक्त भारत का सन्देश देते हुए एक नुक्कड नाटक भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन डा. शिल्पा मिश्रा ने आमंत्रित अतिथियों का आभार डा. जितेन्द्र बबेले ने व्यक्त किया। डा.बबेले ने बताया कि आज प्रातःकालीन सत्र में शिविरार्थी स्वयंसेवकांे ने पाॅलिटेक्निक परिसर को प्लास्टिक व पाॅलिथीन मुक्त किया।
शिविर के दौरान शान्तनु पाठक, अमन प्रताप सिंह, दीपक ढेंकुला, मोहम्मद शारिक, जितिन सोनी आदि स्वयंसेवकों ने व्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाई।

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