क्या एक बार फिर आमने सामने होंगे यह दोनों सांसद?

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झांसी। विगत लोकसभा चुनाव 2014 में प्रतिद्वन्दी रहे वर्तमान लोकसभा और राज्यसभा सांसद एक बार फिर वर्तमान लोकसभा चुनाव 2019 में आमने सामने आ सकते हैं। इसको लेकर वर्तमान में कयास यही लगाए जा रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों के घटनाक्रम में लोकसभा सांसद द्वारा खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई थी, जिसके बाद राज्यसभा सांसद ने एक पत्रकारवार्ता के दौरान उनको चुनौती देते हुए झांसी ललितपुर लोकसभा सीट से दोबारा लड़ने की चुनौती दी थी। अभी फिलहाल दोनों ही नेताओं की पार्टियों के हाईकमान द्वारा झांसी सीट से टिकट की घोशणा नहीं की है। अगर इनके बीच मुकाबला तय हुआ, तो एक अन्य दल से पूर्व सांसद भी अपने पूरे दमखम के साथ हाथ आजमाने से पीछे नहीं हटेंगे।
उल्लेखनीय है कि झांसी ललितपुर सीट का वर्श 2014 का मुकाबला भी काफी दिलचस्प रहा था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी से सुश्री उमाभारती, समाजवादी पार्टी से डाॅ. चन्द्रपाल सिंह यादव, कांग्रेस से प्रदीप जैन और बसपा से श्रीमती अनुराधा षर्मा के मध्य प्रमुख मुकाबला रहा था। इसमें उमा भारती ने बाजी मारते हुए बड़ी जीत दर्ज की थी। उसके बाद चंद्रपाल सिंह यादव को सपा से राज्य सभा सांसद चुना गया। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री व पूर्व क्षेत्रीय सांसद प्रदीप जैन आदित्य अपना जलवा कायम नहीं रख सके। अब एक बार फिर लोकसभा चुनाव नजदीक आ गया है, जिसमें सपा और बसपा के गठबंधन के बाद एक प्रत्याषी तो वैसे ही कम हो गया है। अब प्रमुख रुप से तीन राजनैतिक दलों के प्रत्याषियों में मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है, हालांकि अन्य राजनैतिक दलों के नेताओं के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी अपना दम ठोकने से पीछे नहीं रहेंगे। फिलहाल बात करें वर्तमान लोकसभा सांसद सुश्री उमा भारती और राज्यसभा सांसद डाॅ. चन्द्रपाल यादव की तो यदि पार्टियों के हाईकमान ने चाहा, तो एक बार फिर वह आमने सामने होंगे। वहीं इसी तरह से कांग्रेस के पूर्व सांसद भी हाईकमान से झण्डी मिलने के इंतजार में दिखाई दे रहे हैं।

उमा नहीं तो कोई बाहरी को मिल सकता है टिकट

भाजपा से उमा भारती के मना करने और पार्टी के टिकट फायनल न होने की स्थिति में अन्य नेताओं में वर्तमान विधायक रवि षर्मा, बबीना विधायक राजीव पारीक्षा के अलावा पूर्व मंत्री रविन्द्र षुक्ला आदि के नाम चल रहे हैं। वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि झांसी ललितपुर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रुप में उमा भारती का नाम फायनल नहीं होता है, तो पार्टी किसी अन्य बड़े नेता को यहां से चुनाव लड़ा सकती है।

जोर का झटका देने की कोषिष में एमएलसी प्रतिनिधि

समाजवादी पार्टी से प्रमुख दावेदारों में राज्यसभा सांसद चन्द्रपाल यादव ही दिखाई दे रहे हैं, तो उनके पीछे कतार में पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह और पूर्व एमएलसी ष्याम सुन्दर सिंह हैं। वहीं वर्तमान एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन भी धीरे से जोर का झटका देने की कोषिष में दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि राज्यसभा सांसद के बाद अगर किसी नेता की पकड़ मानी जाती है, तो उसमें दीपनारायण सिंह का नाम सबसे उपर आता है।

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