तीन नर्सिंग होम्स में आयकर विभाग का छापा

0 तीन नर्सिंग होम्स पर कार्रवाई करते हुए सारे दस्तावेज किए कब्जे में

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के सामने स्थित तीन अस्पतालों में एक साथ आयकर विभाग की टीम ने अपर आयुक्त टीआर रहमान के निर्देशन में छापा मारा। अन्य ठिकानों पर भी टीम पहुंच गयी। टैक्स चोरी की सूचना लगातार मिल रही थी। देर शाम से नर्सिंग होम्स समेत अन्य ठिकानों पर कागजात खंगाले जा रहे थे। जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा कि कितनी टैक्स चोरी हुयी है और कितनी बेनामी संपत्ति है।
जानकारी अनुसार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के सामने स्थित अस्पतालों में उस समय हड़कम्प मच गया, जब आयकर विभाग की टीम ने आयकर विभाग आगरा के अपर आयुक्त निर्देशन में उपायुक्त एके भाटिया द्वारा एक साथ तीन अस्पतालों में घुसकर दस्तावेज अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिये। बताया गया कि आयकर की टीम दो नं. गेट के सामने स्थित डा. आरआर सिंह के अस्पताल राघवेंद्र हॉस्पिटल व डा. प्रमोद गुप्ता के नर्सिंग होम वात्सल्य तथा डा. प्रीती गुप्ता के नर्सिंग होम लक्ष्मण सेठ हॉस्पिटल में टीम पहुंची। टीम ने पहुंचते ही वहां दस्तावेज व कागजातों की जांच करना शुरू कर दी। कई कागजात अपने कब्जे में लेने शुरू कर दिये। यह कार्यवाही देखकर अस्पताल में हड़कम्प मच गया। कर्मचारी व मरीज सकते में आ गये। आयकर विभाग के छापे की खबर आग की तरह मेडिकल कालेज में फैल गयी। देर शाम दस्तावेज व कागजातों की जांच चल रही थी। जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा कि अस्पतालों में जो आय का स्रोत है, उसमें चिकित्सकों द्वारा कितनी टैक्स चोरी की जा रही है और उनके पास कितनी बेनामी संपत्ति है। इस मामले में आयकर विभाग में जानकारी करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच के बाद पूरा मामला पता चल सकेगा।

अन्य अस्पताल भी आयकर के निशाने पर

इस छापामार कार्यवाही से अन्य अस्पतालों में भी हड़कम्प मचा हुआ है। दोपहर को जब आयकर विभाग की टीम ने तीन अस्पतालों में छापा मारा, उससे यह खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गयी। इससे अन्य प्राइवेट अस्पताल मालिक भी सकते में आ गये, क्योंकि मेडिकल कालेज के बाहर कई ऐसे अस्पताल हैं, जो अस्पताल खोलकर अनाप शनाप तरीके से इलाज की धनराशि लेते हैं और टैक्स चोरी कर रहे हैं। किसी भी इलाज की कोई दर निर्धारित नहीं है। जिसे चाहे मरीज के तीमारदारों से कितना भी धन वसूल लेते हैं और सरकार को कोई टैक्स नहीं देते हैं। ऐसे प्राइवेट अस्पताल आयकर विभाग के रडार पर हैं।

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