आठ साल की उम्र में ही बच्चे उतर रहे जरायम की दुनिया में – रिपोर्ट गौरव कुशवाहा

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झाँसी। आठ साल की उम्र में ही बच्चे गुस्से से आपा खो रहे हैं। यही कारण है कि खेलने कूदने की उम्र में बच्चे जरायम की दुनिया में कदम रखने लगे हैं। इसका ताजा मामला ग्रेटर नोएडा में मां-बहन की हत्या एक नाबालिग द्वारा किया जाना है। ऐसा नहीं है कि ये हाल सिर्फ एनसीआर का नही है, बल्कि बुंदेलखंड में भी नाबालिग कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
वर्तमान में 32 ऐसे नाबालिग हैं, जो संप्रेक्षण गृह में बंद हैं। मनोचिकित्सक डॉ. मयंक गुप्ता बताते हैं कि पहले 14 साल से ज्यादा उम्र तक के बच्चों को काउंसलिंग के लिए परिजन लेकर आते थे, लेकिन आज के दौर में आठ साल की उम्र के बच्चों को भी काउंसलिंग के लिए लाया जा रहा है। अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले बच्चे ज्यादातर एकल परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे परिवार में माता-पिता से बच्चों की संवादहीनता बढ़ रही है। जिस वजह से बच्चे मानसिक विकारों के शिकार हो जोते हैं। वह अपनों पर भी हमलावर हो सकते हैं। काउंसलिंग के दौरान बच्चे बताते हैं कि परिजन अपनी इच्छाओं को उन पर थोप देते हैं।
इसके बाद जब बच्चे ठीक से परफार्म नहीं कर पाते तो उन्हें परिजनों की नाराजगी का शिकार होना पड़ता है। ऐसे हालात में वह आक्रामक हो जाते हैं। आठ से 12 साल के बच्चों को काउंसलिंग के दौरान ले जाने पर परिजन बताते हैं कि उनके बच्चों को अवसाद की बीमारी है। उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता है। टोकने पर बच्चा गुस्सा हो जाता है। इससे बड़ी उम्र के बच्चों में अपने में खोए रहने की समस्या होती है। कई बार बच्चों के झूठ बोलने की भी शिकायत मिलती है। 14 साल की उम्र के बाद के बच्चों द्वारा चोरी किए जाने की शिकायतें मिलती हैं। इसके अलावा बुरी संगत में वह संगीन वारदात तक करने लगते हैं।

परिजन रखें ध्यान

– परिजन बच्चों को समय दें और भावनात्म रूप से मजबूत रिश्ता बनाएं।
– बच्चे की मांग को अचानक से अनसुना करने से पहले मांग किए जाने की वजह जानें।
– बच्चों के साथियों से भी मिलें परिजन, जिससे की बच्चों की परेशानी की जानकारी हो सके।
– परिजन अपनी कमाई के अनुरूप ही बच्चों को स्कूल में पढ़ने को भेजें।
– अच्छे और बुरे दोस्तों के बारे में बच्चों को जागरूक करें, पढ़ाई के साथ व्यायाम को भी जागरूक करें।
– बच्चों से अपनी अपेक्षाएं पूरी करने के बजाय उसकी काबिलियत के आधार पर उससे उम्मीद रखें।

नाबालिग बच्चों द्वारा की गई वारदातें

– गोमांस की तस्करी के आरोप में दो नाबालिग गिरफ्तार ।
– कोछाभांवर में नाबालिग पर दुष्कर्म का लगा आरोप ।
– खिरकपट्टी में जानलेवा हमले के आरोप में नाबालिग आरोपी।
– सिविल लाइन पुलिस ने लूट के आरोप में दो नाबालिग पकडे़।

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