जयंती पर याद किए गए आचार्य धुलेकर

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झाँसी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं क्षेत्र के प्रथम सांसद आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर की 127वीं जयंती पर सिद्धेश्वर मंदिर प्रागंण में स्थापित धुलेकर की प्रतिमा पर राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य एवं महानगर धर्माचार्य हरिओम पाठक की अध्यक्षता में पुष्पांजलि अर्पित की गई।
सर्वप्रथम सिद्धेश्वर गुरूकुल के वैदिक पंडितों ने स्वस्तिवाचन कर पूजन किया गया। राष्ट्र सेवा मंडल के अध्यक्ष शेखर धुलेकर ने अतिथियों का सम्मान किया। मुख्य अतिथि हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि धुलेकर जी भारत के संविधान के सदस्य थे। उन्होंने अनशन करके हिंदी को राष्ट्रभाषा दिलाने का ऐतहासिक काम किया था। आयुर्वेद विश्वविद्यालय, आयुर्वेद कालेज व अस्पताल, आयुर्वेद अनुसंधान केन्द्र तथा सिद्धेश्वर वेदांत पीठ की स्थापना करके झाँसी को बड़ी उपलब्धि दी। हरिओम पाठक ने कहा कि आचार्य धुलेकर जी ने भगवान सिद्धेश्वर मंदिर का निर्माण पुख्य नक्षत्र में ही कराया। इस अवसर पर मनोज पाठक, मोहन नेपाली, डा. नीति शास्त्री, मंयक श्रीवास्तव, नरेंद्र गोस्वामी सग्गू, विनोद खरे, बृजकिशोर माहेश्वरी, मोनू महाराज, मनमोहन मनु, अमित रावत, राजू रिछारिया उपस्थित रहे। संचालन राजीव पाठक ने किया।
– राष्ट्र सेवा मंडल के तत्वावधान में आचार्य धुलेकर वाचनालय में साहित्यकार जानकीशरण वर्मा की अध्यक्षता में गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धुलेकरजी रचनाधर्मी एवं गांधीजी के परम अनुयायी थे। इस अवसर पर मोहन नेपाली, डॉ. रामकृष्ण वर्मा, शेखर धुलेकर, प्रकाश गुप्ता, पूर्व महापौर किरन वर्मा, इम्तियाज हुसैन, केदारनाथ अग्रवाल, एके हिंगवासिया, रघुराज शर्मा, अफसर हुसैन, आरडी श्रीवास्तव, मदनलाल उपस्थित रहे। संचालन मनमोहन मनु व आभार व्यक्त नरेंद्र गोस्वामी ने किया।

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