277 बेटिकट यात्रियों से वसूला एक लाख से ज्‍यादा राजस्‍व

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झाँसी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार सिंह के निर्देशन में सहायक वाणिज्य प्रबंधक सीमा तिवारी के नेतृत्व में ग्वालियर स्टेशन पर फोर्ट्रेस चेक के रूप में सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग में चम्बल एक्सप्रेस,पंजाब मेल,झेलम एक्सप्रेस,मंगला एक्सप्रेस,केरला एक्सप्रेस उत्कल एक्सप्रेस सहित 14 गाड़ियां के सभी कोचों के साथ महिला व दिव्यांग कोच भी चेक किये गए। सघन चेकिंग अभियान से यात्रियों में हड़कंप मच गया। चेकिंग में बिना टिकट, अनिमियित, बिना बुक लगेज एवं गन्दगी फैलाने के कुल 277 मामले पकडे गए, जिनसे 104500 रुपये वसूल किये गए। चेकिंग में ए के नायक, सुरेंद्र घुरैया, प्रियंका पुरोहित, डी आर बोहरे सहित ग्वालियर, मुरैना, भिंड व झाँसी के टिकट चेकिंग स्टाफ उपस्थित रहे।
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रेलवे लाइन पर मिला शव

झाँसी। झाँसी – कानपुर रेल मार्ग पर एक युवक का शव पड़ा मिला है। यह युवक चलती ट्रेन से गिरा है जिससे उसकी मौत हो गई है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
रविवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के झाँसी — कानपुर रेल लाइन किनारे स्थानीय लोगों ने एक युवक की लाश को खून से लथ-पथ पड़ा हुआ देखा। इसकी जानकारी लगते ही वहां पर भीड़ इकट्टा हो गई। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस पहुंच गई। बाद में लोगों ने शव की शिनाख्त कर ली। यह शव पठौरिया मोहल्ले में रहने वाले रविन्द्र यादव उर्फ मोनू यादव का है। इसकी जानकारी लगते ही घर के सदस्य वहां पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि वह कानपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था। अनुमान है कि चलती ट्रेन से गिरकर उसकी मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।

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बच्चों में नशे की लत मिटाएगी जीआरपी

– क्राइम पर रोक लगाने के लिए जंक्शन जीआरपी की अनूठी पहल
– नशे की लत मिटाने के लिए बच्चे रेलवे और यात्रियों के सामान करते हैं चोरी

झाँसी। पवन और हिमांशु (नेम चेंज्ड) छोटी सी उम्र में ही नशे के आदती हो गए हैं। पढ़ाई कर कॅरियर बनाने की बजाय जंक्शन के आसपास अक्सर नशे की हालत में पड़े रहते हैं, जो कि नशे की लत मिटाने के लिए प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में आए दिन छोटी- मोटी चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे बच्चों की बेहतर जिंदगी के लिए जीआरपी ने कदम आगे बढ़ाए हैं। जो बच्चों की भविष्य संवारने के लिए नशा उन्मूलन केंद्र भेजने का काम करेगी। ताकि, वह एक बेहतर जिंदगी जी सके।

जीआरपी करेगी मदद
जंक्शन पर दर्जनों की संख्या में बच्चे नशे की हालत में पड़े रहते हैं। जो कि सुल्फा, स्मैक, अफीम, चरस से अपने नशे की लत मिटाने का काम करते हैं। घर से रुपए नहीं मिलने पर रेलवे और यात्रियों को सामान चोरी करते हैं। आगे चलकर यहीं बच्चे बड़ी वारदात को भी अंजाम देने से नहीं हिचकिचाएंगे। बड़े होकर बच्चे इस तरह की हरकत न करें इसके लिए जीआरपी नशे के शिकार बच्चों को नशा उन्मूलन केंद्र भेजेगा। यही नहीं उनकी आर्थिक रूप से सहयोग भी करेगा।

तो पेरेंट्स होंगे दोषी

एसपी रेलवे डॉ. ओ पी सिंह ने बताया कि जो भी बच्चे नशे की हालत में पकड़े जाएंगे। सबसे पहले उनके पेरेंट्स को बुलाया जाएगा। उनकी रजामंदी लेने के बाद बच्चों को नशा उन्मूलन केंद्र भेजा जाएगा। यदि, पेरेंट्स खुद ही जिम्मेदारी लेगा तो फिर उन्हें सौंप दिया जाएगा। यदि, संबंधित बच्चा दोबारा नशे की हालत में जंक्शन के आसपास मिला तो फिर पेरेंट्स को दोषी माना जाएगा। और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना है

जंक्शन पर नशे की हालत में मिलने वाले बच्चों को नशा उन्मूलन केंद्र भेजने का काम किया जाएगा। ताकि, उनका जीवन बेहतर हो सके। क्योंकि नशे की लत मिटाने के लिए बच्चे क्राइम में इंवॉल्व हो जाते हैं। इससे क्राइम पर भी रोक लगेगा।
अजीत सिंह, प्रभारी, जीआरपी जंक्शन

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