आधुनिक शोध उपकरणों पर दी जा रही दस दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

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झांसी। नवप्रवर्तन केंद्र बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के तत्वावधान में परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों को आधुनिक शोध उपकरणों पर दिया जा रहा दस दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। उक्त प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केंद्र में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों जैसे कि गैस क्रोमैटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री, एक्स रे डिफ्रेक्टोमीटर, रियल टाइम पीसीआर, बायोमेडिकल डाटा एक्वीज़ीशन सिस्टम, फिजिकल क्वांटिटी मेज़रमेंट सिस्टम, स्कैनिंग टनलिंग माइक्रोस्कोप, लायोफिलाइज़र, मल्टिमोड प्लेट रीडर, रोटेवापोरशन, सोक्सलेट एक्सट्रैक्शन आदि पर विभिन्न विशेषज्ञों जैसे कि डॉ. पीयूष भारद्वाज, डॉ. रामबीर सिंह, डॉ. जे. पी. यादव, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. मुकुल पस्तोर, डॉ. दिलीप शर्मा, डॉ. शिवशंकर यादव, सुश्री सुमिरन श्रीवास्तव, सुश्री मानसी श्रीवास्तव, सुश्री स्मृति शर्मा, प्रवीण कुमार आदि द्वारा व्याख्यान एवं प्रशिक्षण दिया गया। उक्त बायोलॉजिकल, फिजिकल, केमिकल, एग्रीकल्चरल, फार्मास्यूटिकल, फॉरेंसिक साइंस से सम्बंधित उपकरणों पर संपन्न हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में लखनऊ, ग्वालियर, मेरठ एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय मिलाकर लगभग 20 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन एम्स भोपाल से पधारे वैज्ञानिक डॉ. रोहित सलूजा द्वारा फ्लोसाइटोमेट्री पर व्याख्यान दिया गया। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए मा. कुलपति प्रो. जे.वी. वैशम्पायन जी द्वारा सभी प्रतिभागियों से फीडबैक, सुझाव लेने के साथ-साथ केंद्र के अधिक- अधिक से उपयोग हेतु उत्साहित किया गया, साथ ही सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को एक-एक कर प्रमाण पत्र वितरित किये। इस दौरान सभी प्रतिभागी बहुत प्रोत्साहित दिखे। अंत में केंद्र के समन्वयक एवं संकायाध्यक्ष विज्ञानं प्रो. एमएम सिंह, सह समन्वयक डॉ. जे पी यादव तथा डॉ. लवकुश द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की सफलता एवं शोध छात्रों का ट्रेनिंग में रूचि को ध्यान में रखते हुए समन्वयक द्वारा बताया गया की उपकरण विशेष पर लम्बे समय तक प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु केंद्र द्वारा मॉड्यूल बेस्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किये गए हैं जिसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी साल भर में कभी भी आवेदन कर सकते हैं विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कार्यक्रम के दौरान उपर्युक्त विशेषज्ञों के अतिरिक्त श्री कमलेश यादव, श्री धीरेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।

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