चलने की अदा ऐसी कि पा गईं खिताब

0 एक बेटी की मां होने के बाद भी बनाए हुए हैं नजाकत

0
530

झांसी। पुरुष प्रधान समाज में किसी महिला की शादी के बाद वह अपनी घर गृहस्थी में व्यस्त माना जाता है और उसके बाद बच्चे होने के बाद तो और कोई उम्मीद ही नहीं रह जाती है, लेकिन महानगर में रहने वाली एक किसान की बेटी काजल कुशवाहा ने ऐसी सभी व्यवस्थाओं को धता बताते हुए न सिर्फ अपना, बल्कि अपने परिवार और महानगर का नाम रोशन किया है।
एलीट इंडिया ब्यूटी तथा महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करने वाली संस्था रियाज फाउण्डेशन आगरा द्वारा सुरसदन आगरा में आयोजित प्रदेश स्तरीय डिवालिसियस मिसेज यूपी 2017 में काजल कुशवाहा ने बेस्ट वॉक का टाईटिल जीता। विगत वर्ष 2017 में वह मिसेज उरई का भी खिताब जीत चुकी हैं। झांसी में जेसीआई कोहिनूर द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में वह मल्लिका ए नजाकत का खिताब भी जीत चुकी हैं। वह मई 2018 में होने वाले मिसेज इण्डिया के फाइनल में भी अपनी जगह बना चुकी हैं। इस सम्बंध में काजल कुषवाहा बताती हैं कि उनकी कम उम्र में ही षादी हो चुकी है और इस कारण वह अधिक षिक्षित भी नहीं हो पाईं, लेकिन अब वह मॉडलिंग के कैरियर में अपना स्थान बना चुकी हैं और आगे प्रयासरत रहेंगी। इसमें उनके पति और परिवार का पूरा सहयोग और सहारा रहता है। परिवार के लोग उनको हमेषा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

LEAVE A REPLY