ननि : अधिकारियों पर फिर लगा सीनाजोरी करने का आरोप

0 हाउसटैक्‍स भी बराबर लेते रहे और रातों रात तुड़़वा दिया मकान 0 उक्‍त मामला न्‍यायालय में भी विचाराधीन होने पर उठाया ऐसा कदम

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झांंसी। नगर निगम में काफी दिनों से अधिकारियों की मनमानी का आलम यह है कि वह किसी के साथ भी मारपीट कर देते हैं और किसी का भी मकान तोड़ देते हैं। मुख्‍यमंत्री योगी के राज में हर किसी को यह दंंश झेलना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सीपरी बाजार का सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने मण्‍डलायुक्‍त और जिलाधिकारी से शिकायत कर न्‍याय की गुहार लगाई है। सबसे बड़़ी बात तो यह है कि नगर निगम सालों से उक्‍त मकान का गृृृृृहकर वसूल रहा है और यह बात खुद नगर निगम के अधिकारियों ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी भी दी है। वहीं इस मामले का दूसरा पहलू है कि उक्‍त मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है, जिसके बाद भी अधिकारियों ने रातोंरात मकान को तोड़ दिया। एेेेेसे में पीड़ित परिवार सभी अधिकारियों के यहां न्‍याय की गुहार लगाने को पहुंच रहा है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हो सकी है।
उक्‍त मामले में मसीहागंज निवासी पीड़िता ने बताया कि मसीहागंज में वह अपने परिवार के साथ रहती हैं और यह मकान विगत 16 वर्षों से नगर निगम में दर्ज है। उक्‍त मकान का वर्ष 2016-17 तक का गृृृृृहकर नगर निगम में जमा है, जोकि प्रतिवर्ष 486 रुपए आता है। विगत दो जनवरी 2018 को नगर निगम के आला अधिकारियों ने रात को करीब आठ बजे पीड़िता का मकान, जिसमें 4 कमरे, लेटरिन, बाथरुम, किचिन और चारों तरफ बाउण्‍ड्रीवॉल काो पूरी तरह से ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्‍होंने बताया कि इसको लेकर नगर निगम ने कोई नोटिस भी नही दिया और मकान गिरा दिया। उन्‍होंने मण्‍डलायुक्‍त और जिलाधिकारी से उक्‍त मामले में मकान दोबारा से बनवाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।

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