नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

न मां की ममता मिली अाैैैर न पिता का लाड़ झांसी। जब आपको पता न हो आपके माता पिता आपसे चाहते क्‍या हैं और आप उनको मनाने में पूरी तरह समर्पित हो जाओ, जिसके बाद आपको मालूम हो कि यह...

नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

पता ही नहीं चला कब अल्‍हड़ता खत्‍म हुई और जिम्‍मेदारियों ने घेरा झांसी। जब कमाने निकला तो समझ आया कि खुद कमाकर तो जरुरत पूरी हो पाती हैं, शौक तो माता पिता के पैसों से ही पूरे होते हैं,...

नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

खुद बेटी थीं और विवाह के बाद तीन बेटियाेें की मां, फिर भी न मानी हार जेसीआई से जुड़ी एक ऐसी महिला, जिनको परिवार का साथ मिला पर पुरुष प्रधान समाज की धारणा के चलते मजबूरी का सामना भी किया।...

भारतीय महिला कभी भी अशक्त एवं अबला नही रही : श्रीमती दुबे

झांसी। भारतीय महिला कभी भी अशक्त एवं अबला नही रही है। भारतीय महिलाएं वैदिक काल से ही पुरूषों के बराबर ही रही है। यह विचार बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुरेन्‍द्र दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती आशा दुबे ने व्यक्त किये।...

फूलों और चंदन से महिलाओं ने खेली होली

झांसी। उप्र उद्योग व्‍यापार मण्‍डल से सम्‍बद्ध उप्र महिला जिला उद्योग व्‍यापार मण्‍डल के तत्‍वावधान में जिलाध्‍यक्ष कंचन आहूजा की अध्‍यक्षता में महिला सदस्‍यों के साथ होली उत्‍सव का आयोजन किया गया। होली उत्‍सव में चंदन व फूलों से...

गूंज का प्रयास : मैं भी छू सकती हूं आकाश, मौके की है मुझे...

झांसी। नि:संदेह सहजता से हर एक दिन भिन्न-भिन्न भूमिकाएं जीते हुए, महिलायें किसी भी समाज का स्तम्भ हैं। हमारे आस पास महिलायें, सहृदय बेटियां, संवेदनशील माताएं, सक्षम सहयोगी और अन्य कई भूमिकाओं को बड़ी कुशलता व सौम्यता से निभा...

नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

जिंदगी के हर उतार चढ़ाव का सामना कर खुद को बनाया मजबूत भीख नहीं देतीं, लोगों को आजीविका के लिए करती हैं प्रेरित झांसी। लोग इस बात को भले ही साधारण तौर पर लें कि महिलाएं परिवार की देखभाल के साथ...

विराट व्यक्तित्व के महान सर्जक थे अज्ञेय : प्रो. दुबे

झांसी। आधुनिक हिन्दी साहित्य के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर कवि, लेखक, पत्रकार, स्वतन्त्रता सेनानी अज्ञेय की जयन्ती पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के हिन्दी विभाग में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र दुबे ने अज्ञेय को विराट व्यक्तित्व...

नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

परिवार से अध्‍ािक समाज सेवा को देती हैं समय आर्थिक तंगी झेली, पर समाजसेवा से हुआ सशक्‍तिकरण भी झांंसी। मेरठ में पली बढ़ी पांच बहनों में सबसे बड़ी श्रीमती शिवाली अग्रवाल झांसी महानगर में प्रेमनगर क्षेत्र के खातीबाबा स्‍थित एक स्‍कूल...

नारी को नमन : परिवार की देखभाल के साथ करती हैं यह सभी समाजसेवा...

आत्‍मिक शांति के साथ भूल जाती हैं अपने दुख झांसी। पति के न रहने के बाद एक महिला पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है और उस पर जब उसके दाे बच्‍चे भी हों। ऐसे में ससुराल पक्ष के सहयोग...