मन में भाव उमड़़े , तो करें लिपिबद्ध : उमेश शुक्‍ल

विद्यार्थियों ने बहुरंगी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी ललित कला संस्थान में स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की द्वितीय और पंचम इकाई के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा सप्ताह के तहत बृहस्पतिवार को ललित कला संस्थान में आयोजित स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बहुरंगी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी।
ललित कला संस्थान में आज दोपहर बाद करीब सवा दो बजे स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता जनसंचार और पत्रकारिता संस्थान के अध्यक्ष डा. सीपी पैन्यूली के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई। मुख्य अतिथि डा. पैन्यूली ने उम्मीद जताई कि युवा अपनी रचनाधर्मिता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को सुझाया कि वे स्वाध्याय से अपने व्यक्तित्व को निखारने का पूरा प्रयास करें।
विशिष्ट अतिथि उमेश शुक्ल ने युवाओं की रचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरस्वती की विशेष कृपा होने पर ही रचनाधर्म का भाव किसी के मन मे अंगड़ाई लेता है। उन्होंने युवाओं को सुझाव दिया कि मन में भाव उमड़ने पर उस पर गौर करें और वे अपनी रचनाओं को लिपिबद्ध जरूर कर लें। रचनाएं कभी व्यर्थ नहीं जाती हैं।
ललित कला संस्थान की समन्वयक डा. श्वेता पाण्डेय ने विद्यार्थियों को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने अपनी एक रचना भी प्रस्तुत की।
इस प्रतियोगिता में सविता सिंह, मयूरी सिंह, लीलाधर पाण्डेय, प्रतीक्षा गुप्ता, ऋषि दीक्षित, देवि दुबे, रजत गुप्ता, मेघा झा, जितिन सोनी, शिखा द्विवेदी, अर्चना कुशवाहा, मेघा कुशवाहा, आकांक्षा चौरसिया, रुबी भारती, संस्कृति गिरवासिया, अमिता पाण्डेय, हिमांशु अग्रवाल आदि ने रंग बिरंगी रचनाएं पेश कीं। अधिकांश युवाओं ने अपनी रचनाओं में समाज की विसंगतियों पर प्रहार किया। कुछ ने देश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर भी चिंता जताई। इस कार्यक्रम में कौशल त्रिपाठी, राघवेंद्र दीक्षित, जयराम कुटार, दिलीप कुमार, अभिषेक कुमार, जय सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत में डा. अजय कुमार गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना की पंचम इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डा. मुहम्मद नईम ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने अपनी कुछ रचनाएं भी पेश कीं। उनकी एक रचना बेटियां, बेटियां, बेटियां, बेटियां,,. काफी सराही गई। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके व्यक्तित्व विकास के लिए आने वाले दिनों में और अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय युवा सप्ताह के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को 19 जनवरी को गांधी सभागार में दोपहर एक बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे। इस समारोह के मुख्य अतिथि साहित्य भूषण से सम्मानित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे होंगे।

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