अगले दो वर्षों मेंं ताप कम करने की कोशिश करेगा ननि

क्लाइमेट हीट एक्शन प्लान झाँसी में होगा कार्यान्वित, जलवायु परिवर्तन के नकारत्मक प्रभावों को जानकर बनानी होगी ठोस नीति, झाँसी हीट एक्शन प्लान का संक्षिप्त प्रारूप का किया लोकार्पण, कार्य शाला में आये अधिकारियों को तीन दिवस में डाटा उपलब्ध कराने को कहा

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झाँसी। जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक मुद्दा है,बुन्देलखण्ड में विशेषकर झाँसी इससे काफी प्रभावित रहा। जलवायु परिर्वतन मानव स्वास्थ्य पर नकरात्मक प्रभाव डालता है। इससे कारण प्रति वर्ष तापमान में बढ़ोत्तरी होती रहती है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले वर्ष सर्वाधिक गर्म रहेंगे। तेज गर्मी, लू-तापघात से आम नागरिकों को बचाने के लिये झाँसी में क्लाइमेट हीट एक्शन प्लान बनेगा और अगले दो वर्षों में लागू भी किया जायेगा।
यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग व झाँसी नगर निगम के मार्गदर्शन में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ गाँधीनगर गुजरात द्वारा क्रियान्वित किया जायेगा। गुरूवार को नगर निगम में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक गाँधीनगर के विशेषज्ञों में निखिल कुमार एवं सतीश कुमार ने नगर निगम के अधिकारियों को हीट एक्शन प्लान बनाने के लिये मार्ग दर्शन दिया। कार्यशाला में प्रमुख चार बिन्दुओं के पूर्व चेताया कि इसके अंंर्तगत सर्तकता, व्यापक जागरूकता, अभियान चिकित्सा एवं अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये भविष्य की योजना बनाने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
इस दौरान झाँसी हीट एक्शन प्लान का संक्षिप्त प्रारूप का लोकार्पण महापौर रामतीर्थ सिंघल, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया, मुख्य प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. महावीर गोलेच्छा ने संयुक्त रूप से किया।
इसके पूर्व प्रोजेक्ट के मुख्य अधिकारी डॉ. महावीर गोलेच्छा ने बताया कि इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को समझकर उसके लिये ठोस नीति बनानी होगी। इसके बारे में बच्चों, माताओं एवं कमजोर वर्ग में जागरूकता को बढ़ाना है तथा हीट एक्शन प्लान के बनाना और विभिन्न विभागों के जलवायु परिवर्तन गतिविधियों का निर्धारण करना है। इसके अंंतर्गत अत्यधिक गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों के उपचार के लिये चिकित्सा प्रशिक्षण किया जायेगा। डॉ. गोलेच्छा ने कार्यशाला में यह भी बताया कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ-गाँधीनगर क्लाईमेट चेंज के क्षेत्र में डॉ.दिलीप मावलंकर के मार्गदर्शन में कई वर्षों से कार्य कर रहा है। यह प्रोजेक्ट म्यूनिसिपल प्रशासन के सहयोग से क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि झाँसी नगर निगम का सहयोग मिल रहा है। अगले दो वर्षों में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का क्लाइमेट हीट एक्शन प्लान बनाया जायेगा।

कार्यशाला में प्रताप सिंह भदौरिया नगर आयुक्त ने बताया कि 44 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुओं के लिये 100 स्थानों पर चरही नाद की व्यवस्था की गई। प्रतिदिन टैंकरों के माध्यम जलापूर्ति की जा रही है। राज्य सरकार जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के प्रति गंभीर है। इस हीट एक्शन प्लान से लू एवं अधिक गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों में कमी आयेगी। जलवायु परिवर्तन के लिये आमजन में अनुकूलता बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने तथा सरकार को ठोस नीति बनाने में एक मॉडल की तरह कार्य करेंगे। समस्त विभागों से आये अधिकारियों को तीन दिवस में डाटा उपलब्ध कराये जाने को कहा। कार्यशाला में अपर जिलाधिारी/ प्रभारी आपदा प्रबंधन, ज्वाइन्ट मजिस्‍ट्रेट, मुख्य पशु चिकित्साधिारी, उप श्रमायुक्त, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक अभियंता लोनिवि, नगर शिक्षाधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंध परिवहन, संयुक्त नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता नगर निगम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे। नगर निगम के नोडल अधिकारी ने इंडियन इंस्टिट्यट ऑफ पब्लिक हेल्थ गाँधीनगर एवं सागर मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग अधिकारी का आभार व्यक्त किया। समापन पर सभी का आभार नगर अायुक्त ने व्‍यक्‍त किया।

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