विवि: बायोटेक्नोलाॅजी विभाग तथाा सी.आई.एस.एच.के मध्य हुआ करार

विवि के छात्र प्राप्त कर सकेंगे सी.आई.एस.एच. की प्रयोगशालाओं की सुविधा

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झांसी। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर के अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संस्थान के अन्तर्गत में संचालित जैव तकनीकी विभाग तथा दझियन काऊसिलिंग आॅफ एग्रीकल्चर एण्ड रिसर्च (आई.सी.ए.आर.) लखनऊ की एक संस्था सेंट्रल इंस्टिटॅयूट आॅफ सब-ट्रापिकल हार्टिकल्चर(सी.आई.एस.एच.) के मध्य एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये गये।
विश्वविद्यालय में जैव तकनीकी विभाग के समन्वयक इंजी. बृजेन्द्र शुक्ला ने जानकारी दी कि इस एम.ओ.यू.के हस्ताक्षर होने के पश्चात बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के जैव तकनीकी तथा जीव विज्ञान के छात्रों तथा शोध छात्रों की शोध गतिविधियों को बढावा मिलेगा। इजीं शुक्ला ने बताया कि इस करार के पश्चात बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में जैव-तकनीकी तथा जीव विज्ञान परास्नातक में अध्ययनरत छात्र आवश्यक प्रशिक्षण तथा प्रोजेक्ट कार्य करने हेतु सी.आई.एस.एच. जाकर अपने प्रोजक्ट तथा प्रशिक्षण पूर्ण कर सकेंगें। इस एम.ओ.यू. के तहत हेतु बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सी.आई.एस.एच. की प्रयोगशालाओं की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त सी.आई.एस.एच. के वैज्ञानिक प्रशिक्षण तथा प्रोजेक्ट कार्य में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओें का सहयोग भी करेंगे।
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में अभियंात्रिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो.एस.क.े कटियार ने इस एम.ओ.यू. के सम्पन्न होने पर प्रसन्नता जताई तथा आशा व्यक्त की कि यह एम.ओ.यू. विश्वविद्यालय के जैव तकनीकी में अध्ययनरत हमारे विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
सी.आई.एस.एच के निदेशक डा.एउस.राजन ने भी बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के साथ हुए इस एम.ओ.यू. पर हर्ष व्यक्त किया। वही बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय कुलपति प्रो.जेे.वी.वैशम्पायन ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय के जैव तकीनीकी के विद्यार्थी अब औद्योगिक जैव तकनीकी तथा अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर सकेंगे।

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