ग्‍लैमर की दुनिया ने आठ माह दूर रखा पापा के प्‍यार से

16
2459

झांसी। घर की सबसे छोटी चुलबुली सी, आमतौर पर शांत रहने वाली पापा मम्‍मी और भाईयों की इस लाडली ने जब ग्‍लैमर वर्ल्‍ड में जाने का निर्णय लिया, तो परिवार पर एकदम वज्रपात सा हो गया। बीए के बाद आईटीआई इलेक्‍ट्रानिक्‍स ग्रेड में करने वाली इस युवती के निर्णय को परिवार का कोई सदस्‍य स्‍वीकार नहीं पा रहा था, तो पूरे घर में एक दो दिन तो किसी ने खाना भी ढंग से नहीं खाया। ऐसे में इसको साथ मिला मां और बड़े भाई का, लेकिन साथ में एक शर्त भी जुड़ी थी। पर इसने जो ठाना उसे पूरा किया और खुद को साबित किया, जिसके बाद उसको आठ माह बाद अपने पापा का प्‍यार दुलार और लाड़ वापिस मिला।

यह युवती है सरदार परमजीत सिंह और श्रीमती हरविंदर कौर की सुपुत्री व दो बड़े भाईयों की इकलौती बहन सिमरन कौर। वर्ष 2017 सिमरन की जिंदगी का एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण वर्ष रहा, जब उसने अपना भविष्‍य ग्‍लैमर वर्ल्‍ड में बनाने का निर्णय लिया। सिमरन के पिता सरदार परमजीत सिंह को बेटी का यह फैसला काफी नागवार गुजरा और हो भी क्‍यों न ग्‍लैमर वर्ल्‍ड की जितनी चकाचौंध है। उतनी ही उसके पीछे फैली गंदगी का संदेश फिजाओं में फैला हुआ है, जिसे हर आम इंसान की तरह उसके पिता भी जानते थे। ऐसे में वह अपनी एकलौती और लाडली बेटी को इस दलदल में कैसे धकेल देते। फिलहाल उन्‍होंने बेटी के इस फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। दो चार दिन गहमागहमी और घर की चर्चाओं में गुजरने के बाद सिमरन के बड़े भाई मंजीत सिंह से जब उसका उतरा चेहरा नहीं देखा गया, तो उसने अपनी मां से चर्चा कर एक फैसला किया कि वह अपनी छोटी बहन को सिर्फ एक मौका देगा। मौका भी ऐसा जिस पर सिमरन का पूरा भविष्‍य टिका था। उस दौरान डायरेक्‍टर समीर खान द्वारा मिस्‍टर एण्‍ड मिस बुन्‍देलखण्‍ड प्रतियोगिता कराई जा रही थी, जिसमें सिमरन भाग लेना चाह रही थी। सिमरन के भाई मंजीत ने शर्त रखी कि यदि वह इस प्रतियोगिता को जीत गई, तभी आगे बढ़ सकती है। ऐसे में सिमरन बड़ी कश्‍मकश भरी राह पर आ गई, लेकिन उसने अपने कैरियर को लेकर भाई की शर्त को स्‍वीकार कर लिया और न सिर्फ खुद को स्‍थापित किया। बल्‍कि वह 2017 की मिस बुन्‍देलखण्‍ड बन गई। उसको फिल्‍म स्‍टार आर्यन वैध ने ताज पहनाया।

बात यहां खत्‍म नहीं हुई मिस बुन्‍देलखण्‍ड बनते ही उसको झांसी की मीडिया ने एक सेलीब्रिटी जैसा अहसास कराया। इसकी सूचना सिमरन के पापा को रिश्‍तेदारों और मिलने वालों से हुई। बेटी की इस उपलब्‍धि और झांसी में पिता के नाम को रोशन वाली अपनी लाडली से वह भी दूर नहीं रह पाए और आठ माह बाद सिमरन से उन्‍होंने बात की और पिता का प्‍यार व आर्शीवाद दिया। पिता की नाराजगी दूर होने और भाईयों का सहयोग मिलने के बाद सिमरन ने खुद को स्‍थापित करने के लिए संघर्ष प्रारम्‍भ कर दिया। उसके बाद अजय साहू और बुन्‍देलखण्‍ड के शाहरुख देवदत्‍त बुधौलिया के मार्गदर्शन में एक्‍टिंग की बारिकीयां सीखी और पहला नाटक रावण के राम किया। इसी दौरान उसको एक अन्‍य उभरते सितारे ब्रजेश मौर्य का साथ मिला। तभी बुन्‍देली डॉन के पूअर थियेटर के खोले जाने में भी इन्‍होंने भी सहयोग किया। वहीं ब्रजेश के साथ मिलकर अपना यूटयूब चैनल मौर्य एण्‍ड कौर स्‍टार्ट किया, जिसमें कामेडी मूवी, रोमांटिक सोंग सहित कई शार्ट फिल्‍मों में काम किया और कई महोत्‍सवों में भाग लेकर पुरस्‍कार जीते। इसके साथ ही सिमरन को एक मौका मीडिया से भी मिला और वह वर्तमान में न्‍यूज चैनल बीके न्‍यूज की न्‍यूज एंकर भी हैं। इसके अलावा उन्‍होंने कई नुक्‍कड़ नाटक, पायलट शूट पूनम का चांद आदि किए हैं। अभी वह शार्ट फिल्‍मों में व्‍यस्‍त हैं और जल्‍दी ही उनका विचार मुम्‍बई जाकर अपनी किस्‍मत आजमाने का है।

16 COMMENTS

    • Thanku so much my worlds best brother aaj jo bhi hu sb kuch main apki vjah se hai love u so much mere sweet veerjii😘😘😘

LEAVE A REPLY