ननि : स्वच्छता सर्वेक्षण की जानकारी से आरम्भ हुआ तीसरा सदन

0 पहली बैठक में पुराने पार्षदों के रहे तीखे तेवर 0 पूरी बैठक में महापौर की ढाल बने रहे सदर विधायक 0 आगामी 24 जनवरी को चुनी जाएगी कार्यकारिणी

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झाँसी। नगर निगम में तीसरा सदन आज प्रारम्भ हुआ, जिसकी पहली बैठक के दौरान आमतौर पर परिचय और औपचारिकताओं के मध्य कुछ पुराने पार्शदों ने अपना वर्चस्व दिखाने के लिए पहले दिन से ही तीखे तेवर दिखाते हुए हावी होने की कोषिष की। हालांकि बैठक में मौजूद नगर विधायक ने उन पार्शदों की मंषा पर पानी फेरते हुए ज्यादा हावी नहीं होने दिया और वह पूरी बैठक में महापौर की ढाल बने रहे। वहीं बैठक में डायरी के विमोचन के साथ 24 जनवरी को कार्यकारिणी चुनाव की तिथि तय की गई।
नगर निगम में दोपहर 12.35 बजे से सदन की बैठक महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में सभासदों के परिचय से षुरु हुई। उसके बाद अधिकारियों ने सदन को अपना परिचय दिया। सदन प्रभारी आरपी सिंह ने एजेंडा प्रस्तुत किया। नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने सभासदों को स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की जानकारी देते हुए इसके क्रियान्वयन का तरीका और लाभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम तेजी से होने की जानकारी देते हुए कहा कि सर्वेक्षण अधिकारी झाँसी आकर सत्यापन करेंगे। उनके आने की सूचना एक सप्ताह पहले मिलेगी। उन्होंने सिमरधा, पाल कॉलोनी और करारी में स्वच्छता की स्थिति पर असंतोष जताया। आईटी एक्सपर्ट राकेश साहू ने चार जनवरी से शुरू हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी के लिए स्वच्छता एप डाउनलोड करने की जानकारी दी। उसके बाद पुराने सभासदों ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए सदन पर हावी होने की कोषिष की, लेकिन बैठक में मौजूद सदर विधायक रवि षर्मा ने उनको हावी होने का मौका नहीं दिया। कई मुद्दों पर सभासदों ने नगर निगम अधिकारियों को घेरा भी। विकास कार्यों पर काफी बहस भी हुई। बैठक में वार्ड नंबर आठ की सभासद कांति छत्रपाल ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त फोन पर बात नहीं करते और अपने चैंबर में बुलाते हैं। वे समस्याएं सुनने में दिलचस्पी नहीं रखते। सुलेमान अहमद मंसूरी ने सर्दी को देखते हुए सफाई कर्मचारियों को गर्म वर्दी और दस्ताने उपलब्ध कराने की मांग की। कन्हैया कपूर ने सीपरी ओवरब्रिज रोड की रिपेयरिंग न होने एवं रसबहार व चित्रा चैराहा पर गड्ढे होने के कारण परेशानियों से अवगत कराया, जिस पर काफी बहस हुई। नगर आयुक्त ने उक्त जमीन पीडब्लूडी की होने की बात कही। जिस पर काफी हंगामा कटा। बाद में विधायक के दखल के बाद मामला षांत हुआ। सदस्यों ने कहा कि जब तक कार्यकारिणी का चुनाव नहीं हो जाता तब तक सभासद विकास कार्य नहीं कराएंगे तो जनता को क्या जवाब दें। महापौर ने बोर्ड की सहमति से प्रत्येक वार्ड में दो-दो लाख रुपये के काम प्राथमिकता से कराने एवं इससे अधिक राशि के काम कार्यकारिणी की अनुमति से कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। नगर निगम की बैठक में कार्यकारिणी चुनाव न होने तक विकास कार्य स्वीकृत न होने की बात सामने आने पर सभासदों ने चुनाव कराने पर बल दिया। इसका फैसला महापौर पर छोड़ा गया। उन्होंने 24 जनवरी को 12 सदस्यीय कार्यकारिणी का चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा। इस मौके पर एमएलसी रमा निरंजन, अजीत सिंह, सत्येंद्र सिंह, एलएन सिंह, डॉ. राकेष बाबू गौतम, रवि निरंजन आदि मौजूद रहे।

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