सहकारी चुनाव में टूटी कर्जदार किसानों की आस

- न वोट डाल पाएंगे न लड़ सकेंगे चुनाव

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झाँसी। सहकारी समितियों व संघों की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने वाली है। गांव-देहात की राजनीति में दखल देने वाले नेता गुणा भाग में जुट गए हैं। वे अपनी समिति से डायरेक्टर बनने का ख्वाब देख रहे हैं। कई ऐसे सदस्य भी हैं जिनके ऊपर समितियों का कर्ज बकाया है। उन्हें इस चुनाव में झटका लगना तय है। वे न तो वोट डाल पाएंगे न ही उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार मिलेगा।
सहकारी चुनाव के लिए अभी तक 1.55 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। मतदाता वही बन सकते हैं जो गांव में रहने के साथ किसी सहकारी समिति के सदस्य हों। इन सदस्यों को खाद अथवा बीज के लिए ऋण भी मिलता है। अधिकतर सदस्य किसान तो ऋण चुका देते हैं, लेकिन कुछ किसी न किसी कारण से कर्ज अदा नहीं कर पाते। इस कारण उन्हें दोबारा कर्ज नहीं मिलता। ऐसे ही कई सदस्य अब सहकारी समितियों के माध्यम से राजनीति में सीधे प्रवेश की जुगत लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा मिल रही है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समितियों के बकायादार हैं उन्हें मतदाता न बनाया जाए। जाहिर है कि वे जब मतदाता नहीं बन पाएंगे तो चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। बता दें कि चुनाव वही लड़ सकता है जो मतदाता हो। गौरतलब है कि प्रत्येक समिति में नौ-नौ सदस्य होते हैं जो उस समिति के विभिन्न क्षेत्रों (वार्ड) से चुनकर आते हैं। इन्हें उस समिति का डायरेक्टर कहा जाता है। यही डायरेक्टर निर्वाचित सदस्यों में से सभापति, उपसभापति व दूसरी समितियों में भेजे जाने के लिए एक-एक प्रतिनिधि चुनते हैं। यह निर्वाचित पदाधिकारी सहकारी समितियों के चुनाव में वोट डालने के पात्र होते हैं। प्रतिनिधि जिला सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के सभापति का चुनाव लड़ सकते हैं।

पांच रंग के होंगे मतपत्र

सहकारी चुनाव मतपत्र के आधार पर होंगे जिसमें प्रत्याशी का चुनाव चिह्न अंकित होगा। चुनाव के लिए पांच रंग के मतपत्र छपकर आ गए हैं। हरे रंग के मतपत्र पर छह, पीले रंग के मतपत्र पर आठ, गुलाबी रंग के मतपत्र पर 10, हलके नीले रंग के मतपत्र पर 13 एवं सफेद रंग के मतपत्र पर 26 चुनाव चिह्न अंकित हैं। यदि कहीं 10 प्रत्याशी हैं तो गुलाबी रंग के मतपत्र अंतिम दो चुनाव चिह्न फाड़कर इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसी ही प्रक्रिया अन्य प्रत्याशियों की संख्या के आधार पर अपनाई जाएगी।

15 से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया

सहकारी समिति चुनाव की प्रबंध कमेटी के लिए 10 बजे से 12 बजे तक अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 जनवरी, आपत्तियां का दाखिला 17 जनवरी, आपत्तियों का निस्तारण 18 जनवरी को, अपराह्न एक से चार बजे तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 जनवरी, प्रात: 10 से चार बजे तक नामांकन 20 जनवरी, एक बजे तक नामांकन पत्रों की जांच 22 जनवरी को, एक से चार बजे तक वैध नामांकन पत्रों का प्रदर्शन, 23 जनवरी को प्रात: 10 से एक बजे तक नामांकन वापसी एवं एक से चार बजे तक चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। यह पूरी प्रक्रिया संबंधित विकासखंड कार्यालय में संपादित कराई जाएगी। मतदान 29 जनवरी को प्रात: 9 से अपराह्न 3 बजे तक एवं मतगणना 3.30 बजे से समिति कार्यालय में होगी। इन समितियों से निर्वाचित सदस्यों द्वारा 30 जनवरी को सभापति, उप सभापति व अन्य समितियों में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों का चुनाव समिति कार्यालय में होगा। सहायक निबंधक सहकारी समितियां आरपी गुप्ता ने बताया कि चुनाव के लिए नामित रिटर्निंग ऑफीसर व सहायक रिटर्निंग ऑफीसर का प्रशिक्षण 12 जनवरी को होगा। गौरतलब है कि जिले में 97 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं।

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