जिला पंचायत : आवासीय भवनों के मानचित्र नामंजूर

विपक्ष के प्रस्तावों पर आपत्ति, सत्ता पक्ष को हां, - जिला पंचायत बोर्ड बैठक में न आने वाले सदस्यों के प्रस्ताव हटाए, - सांसद के प्रस्ताव भी नकारे

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झाँसी। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक आखिरकार हो ही गई। अविश्वास और विश्वास प्रस्ताव के बीच झूल रही जिला पंचायत अध्यक्ष को सहयोगी सदस्यों ने राहत दे दी। विरोधी खेमे की नामौजूदगी ने उन्हें बड़ा सहारा दिया और विपक्षी सदस्यों के प्रस्ताव एक सिरे से नकार दिए गए। यहां तक की सांसद द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर भी नामंजूरी की मुहर लगी। जिला पंचायत स्टाफ जरुर सदस्यों के निशाने पर रहा और अपने ही बयानों में उलझकर रह गया।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक अध्यक्ष प्रतिमा यादव की अध्यक्षता में हुई। वर्ष 2017-18 के लिए सड़क अनुरक्षण के 15, जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के 34, जिला पंचायत की सड़कों के अवशेष कार्य के चार, चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से प्राप्त 40 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से नौ प्रस्ताव पूरी तरह नकार दिए गए, जबकि कुछ प्रस्तावों को मामूली संशोधनों के साथ पास कर दिया गया। झाँसी- कानपुर हाईवे से पारीछा रेलवे स्टेशन तक संपर्क मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 82.36 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया, जिसे कुछ बहस के साथ पास किया गया। जिला पंचायत सभाभवन में जेई एवं लेखाकार आवास के कमरों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया जिसे सदस्यों ने पांच लाख रुपये का प्रस्ताव रखा। इसी तरह कार्यालय व स्टोररूम मंं आवश्यक मरम्मत एवं विद्युत फिटिंग कार्य का 10 लाख का प्रस्ताव भी पांच लाख रुपये किया गया। जिला पंचायत कार्यालय मुख्य द्वार के पास स्थित दुकानों के छज्जे एवं ग्रिल की मरम्मत, सीढ़ी निर्माण एवं द्वितीय तल पर टॉयलेट निर्माण के लिए रखा गया 3.50 लाख रुपये का प्रस्ताव बढ़ाकर पांच लाख किया गया। 20 स्थानों पर अन्नाप्रथा रोकने के लिए पोंड भवन मरम्मत के प्रस्ताव पास कर दिए गए। टहरौली झला लिंक रोड के अवशेष भाग के निर्माण के लिए 96.61 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया जिस पर सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए आधा काम अभी कराने एवं बाकी राशि से दूसरे ग्रामों में काम कराने को कहा। नरेंद्र कुमार ने बंगरा के शंकरगढ़ के लिए काम कराने का प्रस्ताव रखा जिसे पारित किया गया।
जिला पंचायत क्षेत्र में 300 वर्गफुट तक के भवनों एवं सभी आवासीय भवनों को मानचित्र मुक्त रखने एवं व्यावसायिक भवनों का मानचित्र लागू करने पर सहमति बन गई। उच्च न्यायालय के आदेश पर नदियों तथा खुली भूमि में जले व अधजले शवों का निस्तारण रोकने संबंधी प्रस्ताव भी पास हो गया। सकरार में नजूल की भूमि पर अन्ना जानवरों के लिए गौशाला बनाने का प्रस्ताव इस शर्त के साथ पास किया गया कि गौसेवा समिति में संबंधित जिला पंचायत सदस्य भी मेंबर होगा। दुकानदारों पर टैक्स लगाने संबंधी प्रस्ताव के तहत फैक्ट्री व बड़े दुकानदारों को दायरे में लाने तथा छोटे दुकानदारों को मुक्त रखने का निर्णय लिया गया। सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र में मुक्तिधाम बनाने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष ने हर विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें बहाना नहीं चलेगा। यदि शिकायत का निस्तारण नहीं होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगली बैठक फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में होगी जिसमें हर अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी तथा समितियों का गठन होगा। बैठक में विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह, बालकिशन बरार, भारत सिंह, लता रानी, लक्ष्मी अरविंद, किशोरी देवी, प्रान सिंह, रामसजीवन, अनिल कुमार यादव, नरेंद्र सिंह सारौल, किरन देवी, दीपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, कल्पना सेठ, राजकुमारी, अंजना यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश नारायण यादव सहित कुछ विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने किया।

एक दूसरे के प्रस्ताव किए खारिज

इस बार बोर्ड बैठक में सदस्यों की गुटबाजी साफ देखने को मिली। एक धड़ा जहां अपने प्रस्ताव पास कराता रहा, वहीं दूसरा धड़ा उस पर आपत्ति लगाता रहा। नौबत यहां तक आई कि पहले वाले धड़े ने संख्याबल अधिक होने का फायदा उठाते हुए दूसरे धड़े के किसी प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया। खासकर भाजपा सदस्यों के प्रस्तावों पर मुहर नहीं लगने दी गई। हर सदस्य को 45-45 लाख रुपये के कार्य कराने की मंजूरी दी गई थी लेकिन कुछ सदस्यों के 60 लाख रुपये के प्रस्ताव भी आए जिन पर आपत्ति जताई लगाकर उन्हें कम किया गया।

यह प्रस्ताव हुए निरस्त

बबीना विधायक द्वारा भेजे गए विकासखंड चिरगांव के ग्राम सिद्वपुरा में शंकरजी के मंदिर से नहर की पटरी होते हुए रामनगर गुसरांय संपर्क मार्ग तक 160 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सदस्यों ने यह कहकर आपत्ति लगाई कि विधायक अपनी निधि से काम कराएं। क्षेत्रीय सांसद उमा भारती द्वारा विकासखंड बामौर के ग्राम कुरैठा से जखौरा तक तथा बड़ागांव के ग्राम घुघुवा से धमना संपर्क मार्ग होकर जगन्नाथपुरम मंदिर तक सड़क डामरीकरण कार्य को यह कहकर सदस्यों ने खारिज कर दिया कि सांसद के पास ज़्यादा निधि आती है। जिला पंचायत के पास बजट कम होता है।

बैठक में न आने वालों के प्रस्ताव निरस्त

सदस्यों ने भाजपा सदस्य शिवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रखे गए 64 लाख के पांच प्रस्ताव, मीरा राय का 45 लाख रुपये से भानपुरा से मप्र की सीमा तक संपर्क मार्ग निर्माण का प्रस्ताव यह कहकर निरस्त करवा दिया कि मीरा राय एक बार भी बैठक में नहीं आई और शिवेंद्र प्रताप सिंह भी अधिकांश नहीं आते। ऐसे सदस्यों के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएं। इसके अतिरिक्त भारत सिंह यादव द्वारा बबीना रुरल स्थित रौतयाना से रसीना रोडपर अवशेष 50 मीटर सीसी रोड निर्माण कराने का प्रस्ताव रखा। बड़ेरा में मजरा कोटि में कराए गए कार्य के बोर्ड पर दूसरे सदस्य का नाम लिखने पर आपत्ति जताई गई। वीरेंद्र सिंह ने बिजली विभाग के अवर अभियंता पर अभद्रता करने एवं वसूली करने के आरोप लगाए तथा शेरे पंजाब होटल से खैलार तक नाला निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि अगली बार से बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए ताकि यह पता चल सके कि पिछली बैठक में रखे गए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं या नहीं। नरेंद्र सिंह सारौल ने सड़क गुणवत्ता की जांच कराने का अनुरोध करने के बावजूद ठेकेदार का भुगतान करने का आरोप लगाया तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जिला पंचायत स्टाफ पर काम न करने के भी आरोप जड़े।

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