धर्म और जाति में न बंंटे, आपसी सौहार्द बनाएं : सुष्‍मिता मुखर्जी

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झाँसी। वर्तमान समय में देश और समाज के समक्ष अनेकों चुनौतियां व समस्यायें हैं, जिनका समाधान करना बहुत जरुरी है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक प्रतिदिन एक अच्छा कार्य करें, जिससे समाज और देश का भला हो। समाज और देश को बदलने की शुरुआत हेतु स्वयं से और अपने घर से करनी होगी, तभी हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगें।’’
उपरोक्त विचार बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई द्वितीय, तृतीय और पंचम इकाई के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दिगारा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के उदघाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित करते हुए सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री व टीवी कलाकार सुष्मिता मुखर्जी ने व्यक्त किये।
स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि आज का समय धर्म और जाति में बंटने का नहीं है, सामाजिक सौहार्द को विकसित करने का है। हमें अपने अन्दर सेवा का भाव विकसित करना होगा, जिससे समाज में मानवीयता बढे। साहित्य, फिल्म, समाज और संस्कृति सम्बन्धी अनेकों पहलुओं को अपने सम्बोधन में समेटते हुए उन्होनें कहा कि आने वाली पीढियों के लिए हम क्या छोडकर जा रहे हैं, इसका हमें ध्यान रखना होगा। बेहतर संस्कृति के जरिये बेहतर समाज का निर्माण होता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एसके राय ने अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस का ध्येय वाक्य है, पहले मैं नहीं, आप। आज के समाज में भी हमें स्वयं के कष्टों से पहले दूसरों के कष्टों के निवारण का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के कुलसचिव सीपी तिवारी ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को किताबी दुनिया से निकाल कर सामुदायिक व परम्परागत ज्ञान से परिचित कराता है। विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन में जो संस्कार मिलते हैं, वह उनका पालन आजीवन करता है। प्रत्येक विद्यार्थी अपने गुरु, अपने माता-पिता या अन्य किसी व्यक्ति को अपना आदर्श मानकर उनके जैसा व्यवहार करने की कोशिश करता है। उन्होनें कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक को समाज के नवनिर्माण में अपना अधिकतम योगदान देना चाहिऐ, ताकि राष्ट्र विकसित व सम्पन्न हो सके।
कार्यक्रम का प्रारम्भ स्वयंसेवकों द्वारा एनएसएस गीत ‘‘उठें समाज के लिए उठें, उठें’’ से हुआ। कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. मुहम्मद नईम, डॉ. श्वेता पाण्डेय, डॉ. मो. फुरकान मलिक, इति मुखरैया द्वारा समस्त अतिथियों का बैज अलंकरण कर स्वागत किया तथा स्वयंसेवक मयूरी सिंह व जितिन सोनी द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी पत्रकारिता संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पैन्यूली, डॉ. उमेश कुमार, टीवी कलाकार कंचन, ग्राम प्रधान गोविन्द सिंह यादव, प्रधानाध्यापक शौकत अली, कुलदीप अवस्थी आदि उपस्थित रहे।
संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मुहम्मद नईम ने, स्वागत डॉ. श्वेता पाण्डेय ने व आभार डॉ. मो. फुरकान मलिक ने व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र के बाद स्वयंसेवकों का आपसी परिचय कराया गया तथा व्यक्तित्व विकास सम्बन्धी गतिविधि कराई गई, तत्पश्चात् आगामी दिवसों के लिए स्वयंसेवकों को दस-दस स्वयंसेवकों की टोलियों में विभक्त कर उत्तरदायित्वों को सौंपा गया।

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