जनता के बीच होगी मीटिंग, अफसरों को भेजेंगे सेल्फी: रिपोर्ट गौरव कुशवाहा

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झांसी। महानगर में पहली बार एसएचओ थाने की चहारदीवारी से बाहर निकलकर पब्लिक के बीच में जाकर बीट स्टाफ की ब्रीफिंग करेंगे। यही नहीं सुबह और शाम के समय होने वाली ब्रीफिंग अलग-अलग प्वाइंट पर होगी।

बाकायदा मीटिंग की
सेल्फी लेकर अफसरों के वाट्सएप पर भेजनी होगी। फोटो का टाइम तक चेक किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि इलाके में रहने वाले किसी व्यक्ति को कोई परेशानी है तो वह ब्रीफिंग के दौरान ही एसएचओ से मिलकर अपनी परेशानी बता सकते हैं।

दो बार करते हैं ब्रीफिंग
आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एसएचओ सुबह और रात दो बार अपने बीट स्टाफ की ब्रीफिंग करते हैं। ब्रीफिंग के दौरान एसएचओ अपने बीट स्टाफ को हमेशा अलर्ट रहने की हिदायत देते हैं। बीट स्टाफ को अपने इलाके में रहने वाले घोषित अपराधियों के साथ-साथ जेल से छूटने वाले अपराधियों पर भी नजर रखनी होती है। साथ ही उन्हें अपने इलाके में होने वाले ऑर्गनाइज को लेकर भी अलर्ट रहना होता है। अगर किसी बीट में लगातार वारदातें हो रही होती हैं तो एसएचओ उस बीट के स्टाफ से यह पूछते हैं कि आखिर इन वारदातों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है? अभी तक यह काम थाने की चहारदीवारी के अंदर ही होता था। वैसे तो एसएचओ थाना परिसर में सभी बीट स्टाफ को बुलाकर ब्रीफिंग लेते हैं, लेकिन अकसर यह भी देखा गया कि एसएचओ अपने रूम से भी बाहर नहीं निकलते। स्टाफ को रूम के अंदर ही बुलाकर उनकी ब्रीफिंग लेते हैं।

ब्रीफिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए ब्रीफिंग
इलाके में पब्लिक के बीच करना शुरू किया जा रहा गया है, जल्द ही इसकी शुरुआत की सिटी सर्किल के थानों से की जा रही है। ब्रीफिंग की फोटो पुलिस के वाट्सएप ग्रुप पर डालेंगे सभी थानों के एसएचओ ब्रीफिंग की फोटो पुलिस के वाट्सएप पर डालेंगे। ताकि कप्तान को भी जानकारी हो सके किस किस थाने में मीटिंग हो चुकी है। आमतौर पर प्रत्येक थाने में सुबह 10 बजे और रात आठ बजे के आसपास प्रत्येक एसएचओ बीट स्टाफ की ब्रीफिंग लेते हैं। नई व्यवस्था में थाने के स्टाफ को मैसेज देकर एक स्थान पर बुलाया जाएगा। समय पर सभी बीट कास्टेबल, चौकी प्रभारी पहुंचेंगे।

पुलिस के प्रति बढ़ेगा भरोसा
नई ब्रीफिंग की व्यवस्था से इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी तो पब्लिक में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा। सुबह और शाम इलाके में इतने पैमाने पर मूवमेंट होने से आपराधिक वारदातों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही यदि पब्लिक के लोगों को दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि उन्हें कोई परेशानी है तो मीटिंग के दौरान बता सकें।
एसएसपी

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